बचपन से महिला के पेट में दर्द होता था। 30 साल बाद उसकी सर्जरी हुई तो पेट से कुछ ऐसा निकला, देखकर डॉक्टर्स की आंखें खुली रह गईं।
विज्ञापन
2 of 5
पंचकूला की महिला 30 साल से खा रही थी बाल
- फोटो : अमर उजाला
पंचकूला में सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल में यह मामला सामने आया। बचपन से बाल खाने वाली इस महिला की हालत अब ऐसी हो गई कि यह पानी भी नहीं पचा पा रही थी। इस महिला को नौ वर्ष की छोटी सी उम्र में बाल खाने की आदत पड़ गई थी। इसके कारण उसके पेट में बालों का गुच्छा बन गया था। जिसे अस्पताल के सर्जन डॉ. हरदीप सिंह ने डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद निकाला।
विज्ञापन
3 of 5
पंचकूला की महिला 30 साल से खा रही थी बाल
- फोटो : अमर उजाला
बालों के इस गुच्छे की लंबाई आठ सेंटीमीटर थी। डॉक्टर ने कहा कि महिला के पेट में एकदम जगह नहीं बची थी, जिसके कारण वह पानी भी नहीं पचा पा रही थी। जानकारी के मुताबिक नारायणगढ़ निवासी सुनीता पेट में दर्द की शिकायत लेकर पंचकूला सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल में पहुंची थी। डॉक्टरों ने सिटी स्कैन कराया तो पता चला कि महिला के स्टमक में बालों का गुच्छा है। उनके गोल ब्लैडर में गुच्छे की तरह दिखने वाली चीज है।
4 of 5
पंचकूला की महिला 30 साल से खा रही थी बाल
- फोटो : अमर उजाला
सुनीता बचपन से ही बाल खाती थी। जैसे जैसे उम्र बढ़ती गई और बालों की भूख भी उसी तेजी से बढ़ने लगी थी। ऐसे में अगर बाल नहीं मिलते तो प्लास्टिक की रस्सी और जूट की रस्सी खाना भी शुरू कर दिया। लेकिन महिला को नहीं पता था कि बढ़ती उम्र के साथ ये बाल स्टमक में भर जाएंगे। जब बाल स्टमक में भर गया तो महिला के पेट में अक्सर दर्द रहने लगा। उसे भूख भी नहीं लगती थी और उसे पानी भी हजम नहीं हो पाता था। उसके परिजन अस्पताल लेकर आए। यहां उसका अल्ट्रासाउंड हुआ।
पंचकूला की महिला 30 साल से खा रही थी बाल
- फोटो : अमर उजाला
अल्ट्रासाउंड में साफ नहीं आया उसके बाद डॉक्टर ने सिटी स्कैन कराने की सलाह दी। तब पता चला की उसके स्टमक में बाल है। भूख नहीं लगने की वजह से महिला का वेट भी कम हो गया था। डॉक्टर हरदीप ने बताया कि इस तरह के मामले बहुत कम देखने को मिलते हैं। डॉक्टर हरदीप सिंह ने बताया कि दस से पंद्रह साल की उम्र के लड़कियों में बाल खाने की बीमारी होती है।