डिलीवरी हो गई थी, बच्चा भी ठीक था, उसके बावजूद महिला के पेट में दर्द था। जांच की तो पेट में ऐसी चीज दिख, जिसे देखकर डॉक्टर ऑपरेशन करने को मजबूर हो गए।
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मामला हरियाणा के यमुनानगर में सरस्वती नगर है। डिलीवरी के लिए हुए ऑपरेशन में स्टॉफ नर्स ने लापरवाही से एक महिला के पेट में रूई का पैड छोड़ दिया, जिस कारण पीड़ित महिला को दोबारा ऑपरेशन करवाना पड़ा। गांव गढ़ी गौसांई की एक महिला रिम्पी रानी की डिलीवरी छोटे ऑपरेशन से 15 जुलाई 2018 को सिविल अस्पताल जगाधरी में हुई।
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17 जुलाई को उसे छुट्टी देकर घर भेज दिया गया। उसी दिन से वह पेटदर्द से परेशान थी। 20 जुलाई को उसके परिजन उसका चेकअप करवाने उसे अस्पताल लेकर गए। उसने स्टाफ नर्स को दर्द के बारे में बताया तो स्टाफ नर्स ने दवाई देकर घर भेज दिया। लेकिन महिला के पेट का दर्द कम होने की बजाए लगातार बढ़ता गया। वह दर्द के कारण अपने नवजात शीशु को दूध भी नहीं पिला सकी।
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24 जुलाई को उसके परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सरस्वतीनगर लेकर गए। वहां पर कार्यरत स्टाफ नर्स ने उसे जगाधरी सिविल अस्पताल में जाने के लिए कहा, लेकिन परिजनों के प्रार्थना करने पर स्टाफ नर्स ने चेकअप कर उसके शरीर से रूई का पैड निकाला जो डिलीवरी के समय स्टाफ नर्स की लापरवाही के कारण शरीर में ही रह गया था। शरीर से रूई का पैड निकलते ही उसे दर्द से राहत मिली।
मामला देखकर महिला परिजन जगाधरी सिविल अस्पताल गए। वहां पीड़ित एसएमओ डॉ. पूनम दहिया से मिले। लेकिन उन्होंने उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया और वे निराश होकर घर लौट आए। सिविल अस्पताल जगाधरी एसएमओ डा. पूनम दहिया से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि इस बारे में मेरे पास कोई शिकायत नहीं है। न ही महिला व उसके परिजन मेरे पास आए हैं।