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अब दिल्ली दूर नहीं, करनाल तक दौड़ेगी रैपिड मैट्रो, होंगे 17 स्टेशन, हरियाणा को तीन फायदे भी

Thu, 09 Jan 2020 05:14 PM IST
ajay kumar गगन तलवार, अमर उजाला, करनाल (हरियाणा)
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Haryana - फोटो : अमर उजाला
हरियाणा सरकार के सराय काले खां-दिल्ली पानीपत रिजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) कॉरिडोर के करनाल तक विस्तार करने के निर्णय से उत्तरी हरियाणा के लोगों का दिल्ली तक का सफर आसान होगा। इससे जहां करनाल सहित पूरे एनसीआर में परिवहन सुविधाओं में वृद्धि होगी। वहीं हरियाणा और दिल्ली में सड़क हादसों और प्रदूषण में कमी आएगी। एनसीआर में नौकरी पेशा लोगों का नाइट स्टे का झंझट खत्म होगा। रोड सेफ्टी विशेषज्ञों का कहना है कि हादसों से मानव की सुरक्षा के साथ-साथ यह पूरा प्रोजेक्ट हरियाणा को खुशहाल और समृद्ध बनाने वाला है।
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रैपिड मैट्रो - फोटो : अमर उजाला
रेलवे एक्टिविस्ट इंजीनियर राजीव का कहना है कि रैपिड मेट्रो का पूरा प्रोजेक्ट मेट्रो की तरह ही होगा, खूबी यह है कि यह मेट्रो से तीन गुणा ज्यादा स्पीड पर चलेगी। मेट्रो की तरह हर छह से 10 मिनट बाद सर्विस मिलेगी। इससे करनाल सहित आसपास के जिलों में रोजगार और व्यापार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। खास बात ये होगी कि करीब 110 किलोमीटर जाने में बस और ट्रेन से लगने वाला समय आधे से भी कम हो जाएगा और दिल्ली आने और जाने में कुछ ही समय लगेगा। जानिए हरियाणा के लोगों को कितना लाभ होगा।
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सीएम मनोहर लाल। - फोटो : ANI
हरियाणा को तीन मुख्य फायदे 
1- सड़क सुरक्षा शिक्षा संस्थान (आईआरटीई) फरीदाबाद के डॉ. रोहित बलुजा के अनुसार, सोनीपत से शंभू बॉर्डर अंबाला तक के 187 किलोमीटर एनएच-44 पर 2018 में 743 मौत दर्ज हुई। जो इसे भारत का सबसे अधिक दुर्घटना वाला राजमार्ग बनाता है। उनका कहना है कि हादसों में मौत का यह आंकड़ा पूरे नीदरलैंड में और यहां तक कि संयुक्त अरब अमीरात में हर साल मरने वाले लोगों की संख्या से अधिक है। यह आंकड़ा उन्होंने मंगलवार को मधुबन में हुई डीजीपी मनोज यादव की बैठक में पेश किया। रोड सेफ्टी विशेषज्ञ तेजपाल और एडवोकेट संदीप राणा ने बताया कि ट्रैफिक पुलिस के रिकॉर्ड में पूरे हरियाणा में 2019 में सितंबर तक 8140 हादसों में 3744 मौत दर्ज हैं। ऐसे में रैपिड ट्रेन के चलने से एनएच का जहां लोड कम होगा वहीं हादसों के ग्राफ में कमी आएगी। 

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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
2- पिछले दिनों हरियाणा और दिल्ली के बीच भी प्रदूषण को लेकर गहमागहमी रही। दिवाली के नजदीक हरियाणा के कई जिलों में एक्यूआई 500 तक पहुंचा। दिल्ली से ज्यादा प्रदूषण होने से यहां दम घुटने जैसी स्थिति भी पैदा हो गई थी। उन दिनों फसल कटाई के बाद कई जगह अवशेष भी जलाए जाने के मामले सामने आए थे। पर्यावरण के लिए काम कर रही समर्पण मानव सेवा समिति के अध्यक्ष दिलबाग का कहना है कि वर्तमान में सामान्य दिनों में भी ट्रैफिक के कारण 200 से 250 तक एक्यूआई रहता है जो कि सेहत के लिए हानिकारक है। अकेले बसताड़ा टोल प्लाजा से रोजाना 55 से 60 हजार वाहन निकलते हैं। रैपिड ट्रेन से सड़कों का ट्रैफिक लोड कम होगा। प्रदूषण में भी कमी आएगी।
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rapid metro - फोटो : SELF
3- दिल्ली और अन्य एनसीआर क्षेत्र में काफी संख्या में उत्तरी हरियाणा व अन्य जिलों के लोग पढ़ाई और नौकरी के लिए वहीं रहते हैं। घर से ज्यादा दूर होने के कारण अप डाउन नहीं कर पाते। नाइट स्टे ही विकल्प है। एडवोकेट राजकुमार कनौजिया का कहना है कि संसाधनों की कमी के कारण दिल्ली और गुरुग्राम जैसे महंगे शहरों में रहना मजबूरी है। अगर रैपिड ट्रेन से सफर सुगम होगा। तो लोग नाइट स्टे से बचेंगे। दिनभर के काम और पढ़ाई के बाद हर कोई रात अपने घर पर ही बिताना चाहता है। इसलिए रैपिड ट्रेन करनाल तक आने से हरियाणा के लोगों को लाभ होगा। करनाल ही नहीं, कुरुक्षेत्र, अंबाला, यमुनानगर, कैथल और चंडीगढ़ तक लोगों को फायदा होगा। 
 
आरआरटीएस कॉरिडोर के करनाल तक विस्तार का फैसला सरकार का पब्लिक हित में है। लोगों को इसका काफी लाभ होगा। गत दिनों सीएम मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस पर निर्णय लिया गया। 17 आरआरटीएस स्टेशन होंगे। सीएम ने करनाल तक विस्तार में घरौंडा में एक स्टेशन के प्रावधान के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। एचएसआईआईडीसी इस पूरे प्रोजेक्ट को देखेगा। -निशांत कुमार यादव, डीसी करनाल।
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