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रमजान का पवित्र महीना 30 वर्षों के बाद जून में आया, जानिए इस बार क्या खास है

Tue, 30 May 2017 01:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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रमजान के जुमे में मस्जिद में नमाज पढ़ते लोग - फोटो : अमर उजाला
रहमत और बरकतों का पवित्र महीना रमजान रविवार से शुरू हो गया। वहीं इस बार 30 वर्षों के बाद जून में रमजान आया है तो जानिए क्या कुछ खास है।
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मस्जिद में नमाज पढ़ते लोग - फोटो : अमर उजाला
चंडीगढ़ में सेक्टर-26 स्थित नूरानी मस्जिद के मुफ्ती मोहम्मद अनस कासमी ने बताया कि गर्मी की शिद्दत और दिन में सुबह से लेकर शाम 14 से 15 घंटे लंबा समय इस पवित्र रमजान की विशेषता होगी। रमजान का महीना बेहद पाक और रहमतों वाला होता है।
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मस्जिद में नमाज पढ़ते लोग - फोटो : अमर उजाला
कासमी ने बताया कि इस दौरान 30 दिन तक रोजे रखे जाते हैं। सूर्य निकालने से पहले और सूर्य के डूबने तक किसी भी तरह की चीज खाने पीने परहेज करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही आंख, दिल और पूरा शरीर को बुराइयों से बचाना भी जरूरी है।

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मस्जिद में नमाज पढ़ते लोग - फोटो : अमर उजाला
कासमी ने बताया कि रमजान के रात में एक विशेष नमाज होती है जिसे तराबीह कहा जाता है। यह सबसे लंबी 20 रकाआत दो-दो करके जमात के  साथ मस्जिदों में पढ़ी जाती है। कासमी ने बताया कि रमजान शरीफ में शब ए कद्र की रात का विशेष महत्व होता है।
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मस्जिद में नमाज पढ़ते लोग - फोटो : अमर उजाला
रमजान की 21, 23, 25, 27 और 29 में से एक रात शब ए कद्र होती है। इसलिए इन रातों में खास इबादत पढ़ी जाती है। जिसके लिए ऐतिकाल किया जाता है। मोहम्मद अनस कासमी ने कहा कि रजमान शरीफ में विशेष तौर पर हुक्म है कि दान करो। बुराइयों से बचो।
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जुमे की नमाज अदा की - फोटो : अमर उजाला
यह महीना दुआओं का भी है और कुरान का भी। इसलिए इस महीने में प्रेम, हमदर्दी और भाईचारा बनाए रखो। इनसानियत की भलाई, अपने वतन और पूरी दुनिया के सुख शांति के लिए बंदा अपने परबरदिगार से दुआएं मांगे।
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