राम रहीम तो अंदर हो गया, लेकिन अब पुलिस के लिए बाबा की 'दुलारी' हनीप्रीत की गिरफ्तारी बहुत जरूरी हो गई है और इसके पीछे तीन कारण सामने आ रहे हैं।
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राम रहीम हनीप्रीत
- फोटो : social media
एक तो ये कि हनीप्रीत पर देशद्रोह का केस दर्ज है। उस पर राम रहीम को भगाने के आरोप लगे हैं। हिंसा भड़काने में उसका हाथ होने की बात भी कही जा रही है। दूसरा ये कि हनीप्रीत राम रहीम की राजदार है। इसलिए पुलिस को उससे कई अहम जानकारियां मिल सकती हैं। तीसरा कारण ये कि हाईकोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा की तलाशी के आदेश जारी कर दिए हैं। निशानदेही के लिए हनीप्रीत का साथ होना बहुत जरूरी है, क्योंकि वह डेरे के बारे में बहुत कुछ जानती है।
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‘हनीप्रीत’ इंसा गिरफ्तार
- फोटो : self
हरियाणा पुलिस ने हनीप्रीत को चार लोगों के हवाले किया था। विकास कुमार निवासी फतेहाबाद, संजय पुत्र रामजीदास निवासी आर्यनगर रोहतक, वेदप्रकाश पुत्र छोटूराम निवासी राजली हिसार और जितेंद्र कुमार पुत्र फकीरचंद निवासी किला कॉलोनी झज्जर। हरियाणा पुलिस को हनीप्रीत के साथ उन सभी लोगों की भी तलाश है, जिन्होंने इस बीच हनीप्रीत को शरण देने का काम किया है। पुलिस इन शरणदाताओं पर भी मुकदमा दर्ज करेगी।
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Honeypreet Insan
गौरतलब है कि राम रहीम को रोहतक तक पहुंचाने के बाद हनीप्रीत गायब हो गई। इधर सरकार ने उसके खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज करके लुकआउट नोटिस जारी कर दिया, लेकिन हनीप्रीत कोई सुराग नहीं लग पाया है। देश भर में उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। यह आशंकाएं भी लगातार जोर पकड़ रही हैं कि हनीप्रीत नेपाल भाग गई है। बहरहाल अभी उसे पकड़ना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है।
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Honeypreet Insan
डीजीपी ने बताया कि राम रहीम के जेल आने के बाद हनीप्रीत को जेल से वापस भेज दिया गया था। फिर चर्चा हुई थी कि जेल से आने के बाद हनीप्रीत आर्य नगर में एक डेरा प्रेमी के घर पर रुकी थी। हालांकि अधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस ने हनीप्रीत के मोबाइल की लोकेशन भी खंगाली है। उसके मोबाइल की अंतिम लोकेशन दिल्ली के नजफगढ़ में मिली है। इसके बाद से ही उसका मोबाइल नंबर बंद है।
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Honeypreet Insan
डीजीपी ने बताया कि पंचकूला से गुरमीत के साथ रोहतक की सुनारिया जेल पहुंची हनीप्रीत 25 अगस्त को रात लगभग दस बजे जेल से तीन डेरा प्रेमियों रोहतक के साथ गई थी। रोहतक के आर्य नगर निवासी संजय चावला, हिसार निवासी वेद प्रकाश और झज्जर से जितेंद्र कुमार अपनी जिम्मेवारी पर उसे साथ ले गए थे। हनीप्रीत ने लिखित में जेल प्रशासन को दिया था कि मै हनीप्रीत इसां पुत्री गुरमीत राम रहीम सही सलामत हूं और विकास निवासी 3/783 फतेहाबाद के साथ जा रही हूं।
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हनीप्रीत, राम रहीम, लुक आउट नोटिस
- फोटो : self
डेरा प्रेमी संजय चावला, वेद प्रकाश और जितेंद्र ने भी उसी पत्र पर लिख कर दिया था कि हम उपरोक्त व्यक्ति बाबा राम रहीम की पुत्री हनीप्रीत इसां को अपने साथ सही सलामत अपनी जिम्मेवारी और हनीप्रीत की मर्जी से लेकर जा रहे हैं। उन्हें उनके घर पहुंचाने की जिम्मेवारी हमारी है। उसके बाद से हनीप्रीत कहां है, इसका भी कोई सुराग नहीं है। संजय चावला भी इस बारे में कुछ बता नहीं पा रहे हैं।
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हनीप्रीत इंसां
- फोटो : SELF
डीजीपी ने बताया कि डेरा प्रमुख को दोषी करार दिए जाने के बाद अदालत के बाहर की एक वीडियो में हनीप्रीत ने किसी को भाई के नाम से बुलाया था। उसी दिन एक सुरक्षा कर्मी ने भी हनीप्रीत को दीदी के नाम से पुकारा था। इसी घटना के दौरान आरोपी सुरक्षा कर्मियों ने कहा था पिता जी को जाने नहीं देंगे। आखिरकार, डेरा प्रमुख को फरार कराने की साजिश के तहत तो कहीं ऐसा नहीं हो रहा था कि सभी एक दूसरे को रिश्तेदारों की संज्ञा देते हुए पुकार रहे थे।
डीजीपी कहते हैं कि पुलिस इस मामले से जुड़े तमाम पहलुओं की भी छानबीन कर रही है कि यह भी कोई कोडवर्ड तो नहीं था। पुलिस लगातार हनीप्रीत की तलाश में जुटी है। इसके लिए अन्य राज्यों और दूसरे देशों को भी अलर्ट किया गया है। दूसरी तरफ यदि यह भी बताया जा रहा है कि हनीप्रीत रोहतक में ही छिपी हो सकती है। यहां भी डेरा प्रमुख के हजारों की संख्या में अनुयायी है।