साध्वी रेप केस में सजा पाकर राम रहीम जेल में तो आ गया, लेकिन यहां भी वह सिरदर्द बन गया है। यही वजह है कि पुलिस को तरह तरह के काम करने पड़े रहे है, देखिए कैसे।
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Ram Rahim
- फोटो : File Photo
राम रहीम के डेरे में सर्च आपरेशन के दौरान हो रहे एक से एक खुलासे के बाद हरियाणा पुलिस और सतर्क हो गई है। इसका असर सुनारिया जेल के लिए जाने वाले रास्ते पर बने पुलिस नाकों पर देखा जा सकता है। 25 अगस्त के बाद बने पुलिस नाकों पर अब स्थायी बंकर बनाए जा रहे हैं। पहली बार अमर उजाला सुनारिया जेल तक पहुंचकर हालात का जायजा लिया।
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राम रहीम
- फोटो : SELF
भिवानी-हिसार रोड पर सुनारिया जेल परिसर के बाहर पहले नाके को देखकर माजरा समझ में नहीं आता है। इस नाके पर वज्र वाहन खड़े हैं और पुलिस की सघन जांच के बाद ही किसी को आगे जाने दिया जाता है। इसी रास्ते पर पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए डीपीएस स्कूल है। स्कूल से एक किमी आगे जाने पर जेल के लिए बाईं तरफ एक रास्ता जाता है, जहां पर पुलिस नाका है। मुख्य मार्ग पर स्थित इस नाके पर स्थायी बंकर बनाया जा रहा है।
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राम रहीम सजा
- फोटो : SELF
इससे इस संकेत मिलता है कि गुरमीत राम रहीम का ठिकाना फिलहाल सुनारिया जेल ही रहने वाला है। परिसर के आगे जाने पर पुलिस प्रशिक्षण केंद्र का मुख्य गेट है। इस जगह पर अर्धसैनिक बल मुस्तैद नजर आए। प्रशिक्षण केंद्र के परिसर में हरियाणा रोडवेज की 14 बसें खड़ी हैं। बसों के चालक इधर-उधर घूमते नजर आए। वहीं, सीआरपीएफ और बीएसएफ को वापस भेजने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, आईटीबीपी की टुकड़ी तैनात रहेगी।
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फाइल फोटो
अपरिचित की कॉल रिसीव नहीं कर रहे अधिकारी
जेल में तैनात अधिकारी और रोहतक पुलिस के अधिकारी सहमे हुए हैं। वह मोबाइल पर किसी अपरिचित की कॉल रिसीव नहीं कर रहे हैं। यही नहीं अपने जानकारों से भी मोबाइल पर बात करने से कतरा रहे हैं। इनका मानना है कि मामला सीबीआई और गृह मंत्रालय से जुड़ा होने के कारण उनके नंबर सर्विलांस पर हैं। राम रहीम की सुरक्षा से जुड़े लोग अपने परिचितों को इस बात की सलाह दे रहे हैं कि राम रहीम से जुड़ी बात मोबाइल पर न करें।
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ram rahim
गृह मंत्रालय को हर रोज भेजी जा रही रिपोर्ट
प्रदेश सरकार ने जेल का हाल जानने और गृह मंत्रालय को रोजाना भेजी जाने वाली रिपोर्ट के चलते जेल के पास ही आईजी जेल जगजीत सिंह की तैनाती कर रखी है। उन्हें पल-पल की जानकारी दी जा रही है। आईजी की ओर से रिपोर्ट पुलिस महानिदेशक को भेजी जाती है। इसके बाद इस रिपोर्ट को गृह मंत्रालय को भेजा जाता है। जेल की अलग बैरक में बंद गुरमीत की देख-रेख के लिए तैनात लोगों की कुंडली पर भी सुरक्षा एजेंसियों की नजर है।
बाबा नकली होता तो क्यों होती इतनी सुरक्षा
पुलिस से लेकर बाहर से आये अर्धसैनिक बल के जवानों के बीच डेरा मुखी के असली या नकली होने का सवाल चलता रहा। एक अर्धसैनिक बल जो उड़ीसा का रहने वाला है, ने कहा कि अगर बाबा नकली होता तो इतनी सुरक्षा क्यों होती? बाबा के असली होने का एक पहलू यह भी है कि सरकार ने 25 अगस्त को सुनवाई से पहले पुलिस को यह संकेत दिया था कि सजा होने के बाद डेरा मुखी को सुनारिया के पुलिस गेस्ट हाउस में रखा जाएगा।