राम रहीम की 'दुलारी' हनीप्रीत के बारे में नई जानकारी समाने आई है, जिसके मुताबिक हनीप्रीत दो दिन के लिए एक जगह पर रुकी थी और वहां पर वह रोती रहती थी।
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हनीप्रीत इन्सां
- फोटो : File Photo
जिस हनीप्रीत उर्फ प्रियंका तनेजा की भारत से लेकर नेपाल तक में सरगर्मी से तलाश हो रही है, वह हनुमानगढ़ के सेक्टर 12 स्थित अपने भाई के ससुराल में दो दिन तक रुकी थी। जानकारी के अनुसार हनुमानगढ़ के सेक्टर 12 निवासी मदन बागला की बेटी हनीप्रीत के भाई से विवाहित है। पिछले कुछ दिनों से हनीप्रीत के हनुमानगढ़ आने और उसकी तलाश में हरियाणा पुलिस के आने को लेकर चर्चाएं हो रही थीं।
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हनीप्रीत इन्सां
मदन बागला ने बताया कि 28 अगस्त को हनीप्रीत उनके यहां आई थी। उसके साथ कई कमांडो और डेरा सच्चा सौदा से कई अनुयायी थे। हनीप्रीत उनके यहां 29 अगस्त शाम तक रुकी थी। इसके बाद वह रात को चली गई। तब से उसके साथ उनका कोई संपर्क नहीं है। 25 अगस्त को जब सीबीआई कोर्ट ने राम रहीम को दोषी करार दिया था, तब पंचकूला से राम रहीम के साथ ही हनीप्रीत चॉपर में रोहतक गई थी। लेकिन हनीप्रीत वहीं से चली गई थी।
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हनीप्रीत इन्सां
मदन बागला ने बताया कि उनके यहां हनीप्रीत जब आई थी तो कमरे में गुमसुम बैठी रहती थी या फिर रोती रहती थी। कमरे के बाहर कमांडो खड़े रहते थे। कमांडो हनीप्रीत को ज्यादातर किसी से मिलने नहीं देते थे। खुद हनीप्रीत भी किसी से मिलना नहीं चाहती थी। उनके यहां दो दिन रहने के दौरान हनीप्रीत ने खाना-पीना भी लगभग न के बराबर ही किया। उसने दो-तीन बार सिर्फ दूध ही पिया।
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हनीप्रीत इन्सां
- फोटो : File Photo
माना जा रहा है कि हनीप्रीत के साथ आने वाले कमांडो वही थे, जो डेरा प्रमुख को जेड प्लस सिक्योरिटी के तहत सरकार ने दे रखे थे। बकौल मदन बागला उनके यहां हनीप्रीत ने ज्यादा बातचीत नहीं की। जब हनीप्रीत हनुमानगढ़ में आई, तब तक हरियाणा पुलिस ने उसके विरुद्ध कहीं कोई मामला दर्ज नहीं किया था। उन दिनों पंचकूला सहित हरियाणा के विभिन्न शहरों-कस्बों और दूसरे राज्यों में डेरा समर्थकों द्वारा हिंसा, आगजनी की जा रही थी। हालात काफी तनावपूर्ण थे।
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हनीप्रीत इन्सां
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वहीं पता यह भी चला है कि 25 अगस्त की रात को हनीप्रीत सिरसा डेरे में आई और अगली सुबह वहां से चली गई थी। 26 और 27 अगस्त को वह कहां रही, इसका किसी को कोई पता नहीं। 28 और 29 अगस्त को वह अपने भाई के ससुराल हनुमानगढ़ में रही थी। मदन बागला के यहां से 29 अगस्त की रात को चले जाने के बाद हनीप्रीत के 9-10 सितंबर की रात को संगरिया के पास किशनपुरा उत्तराधा में एक डेरा समर्थक के यहां आने की जानकारी भी मिली, लेकिन पुलिस वहां नहीं गई।
उस रात हनीप्रीत इस गांव में तीन-चार घंटे रुकी। इसकी पुष्टि इससे भी होती है कि हनीप्रीत के लिए डेरा समर्थक परिवार ने रात 12 बजे दुकान खुलवाकर मिनरल वाटर की बोतलें खरीदीं। दूसरी बार हनीप्रीत जब हनुमानगढ़ जिले में इस तरह से आई, तब तक उसके विरुद्ध हरियाणा में मुकदमे दर्ज हो चुके थे और लुकआउट नोटिस भी जारी हो चुका था। ऐसे में अगर हरियाणा पुलिस सतर्क होती तो हनीप्रीत को गिरफ्तार किया जा सकता था।