सीधी सी 10वीं पास पंजाबन लड़की थी। 18 साल की उम्र में शादी हो गई थी, लेकिन खुद को देवी बताने वाली विवादास्पद और ग्लैमरस धर्मगुरु राधे मां बन गई, जानिए कैसे।
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राधे मां पहुंची अमृतसर
- फोटो : अमर उजाला
राधे मां नवरात्रों के मौके पर अपने पांच दिवसीय दौरे पर अमृतसर आई हुई हैं। यहां हवाई अड्डे पर बड़ी संख्या पर उनके भक्तों ने फूलों से उनका स्वागत किया। उनके सेवादार टली बाबा ने बताया कि राधे मां ने 3 अप्रैल को मुकेरियां में धार्मिक कार्यक्रम में शिरकत की। 4 अप्रैल को उनका जन्मदिवस है। इस मौके पर उन्होंने जालंधर में एक धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया।
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अमृतसर में राधे मां
बता दें कि राधे मां का वास्तविक नाम सुखविंदर कौर है। प्राप्त सूचना के अनुसार सुखविंदर कौर का जन्म 4 अप्रैल 1965 में पंजाब के जिले गुरुदासपुर के दोरंगला गांव में हुआ था। वह अपने गांव के काली देवी मंदिर में काफी दिन तक रही और वहां के लोगों को बचपन से कुछ चमत्कारिक चीजें दिखाया करती थी। हालांकि उसके गांव वालों ने उसके बारे में बचपन में किसी भी चमात्कारिक शक्ति होने से या दिखाने से इनकार किया।
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अमृतसर में राधे मां
तरह-तरह के आरोपों और अपने पहरावों को लेकर सुर्खियों में छाई ‘राधे मां’ पंजाब के एक हलवाई के बेटे की बहू बनीं। उनकी शादी मोहन सिंह के साथ हुई थी, शादी के समय सुखविंदर की उर्म 17 साल थी। जब सुखविंदर की शादी हुई उस वक्त उसके ससुराल की आर्थिक हालत ठीक नहीं थी। सुखविंद जब 22 साल की हुई तब तक उसके छह बच्चे हो चुके थे।
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राधे मां
- फोटो : amar ujala
बताते हैं अपनी पति की आर्थिक सहायता के लिए वह कपड़ा सिलती थी लेकिन इसी दौरान उसका पति कमाने के लिए कतर की राजधानी दोहा चले गए। पति के कतर जाने के बाद सुखविंदर अध्यात्म की ओर मुड़ गई और महन्त रामदीन की शिष्या बन गई। महन्त रामदीन ने ही सुखविंदर को राधे नाम दिया। इसके बाद राधे संत समागमों में जाने लगी और लोगों से पहचान करने लगी।
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राधे मां
- फोटो : amar ujala
मुंबई में कुछ साल रहने के बाद राधे फिर अपने पंजाब जाने लगी जहां लोग पहले से ज्यादा संख्या में उसके शिष्य बनने लगे। इसी दौरान राधे अपने पति और दो बेटों को मुंबई ले गई और फिर पंजाब में बार आकर अपने शिष्यों से मिलने लगी। इसके बाद राधे मां को देखने के लिए जब काफी संख्या में लोग आने लगे तो मुंबई के गुप्ता परिवार प्रचार कर राधे दर्शन शुरू कराया और फिर चल पड़ा राधे मां का देवी बनकर लोगों को दर्शन देने का धंधा।
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राधे मां
- फोटो : amar ujala
पंजाब में मुकेरियां के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर खानपुर में राधे मां का आध्यात्मिक निवास मां भगवती मंदिर है। मंदिर में उनकी बहन अपने परिवार के साथ रहती हैं और मंदिर की देखरेख करती हैं। भक्तों के बीच सुखविंदर कौर के पति को पिता का दर्जा मिला हुआ है और उन्हें ‘डैडी जी’ कहा जाता है। राधे की बहन को भक्त ‘रज्जी मासी’ और उनके पति को ‘मासड़ जी’ कह कर संबोधित करते हैं।
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radhe maa
राधे मां की भाभी बलविंदर कौर की हत्या के मामले में उनके भाई और पिता को सजा भी हो चुकी है। बलविंदर कौर के भाई जगतार सिंह ने गांव नानोनंगल में पिछले साल आरोप लगाया था कि उनकी बहन की हत्या में राधे मां भी शामिल थी। राधे मां के दो भाई और पिता ने उनकी बहन की हत्या की थी, जिन्होंने 10-10 साल की सजा काटी। एक बार राधे मां ने अपनी भाभी बलविंदर को इतना धमकाया था कि वह बेहोश ही गई थीं।
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Radhe maa
- फोटो : अमर उजाला
दो अगस्त, 2012 को जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर अवधशानंद गिरी जी ने गुरु पूर्णिमा पर अनुष्ठानों के बीच राधे मां को महामंडलेश्वर की पदवी दी। इस अलंकरण समारोह को गुप्त रखा गया था और अखाड़े के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, महामंडलेश्वर पदवी मिलने के अगले ही दिन राधे मां मुंबई चली गई थीं। इसके बाद उन्हें पदवी दिए जाने पर कई सवाल उठे।
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राधे मां
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जांच के लिए राधे मां के आध्यात्मिक गुरु स्वामी पंचनद के नेतृत्व में एक 11 सदस्यीय जांच समिति बनी। समिति ने राधे मां के जीवन से जुड़े विभिन्न स्थानों पर जाकर जांच की। इसके बाद उन्हें महामंडलेश्वर की पदवी से निलंबित कर दिया गया था। द्वारिकापीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने राधे मां को नासिक कुंभ मेले में औपचारिक ‘शाही स्नान’ में हिस्सा लेने से रोका।
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राधे मां
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राधे मां अपने सत्संग के दौरान खुद को देवी दुर्गा की एक अवतार के तौर पर चित्रित करने के लिए वैसा ही वेश बनाती थी। इस पर विरोध के स्वर तेज होने लगे। 2003-04 में फगवाड़ा में एक हिंदू संगठन ने देवी दुर्गा की अवतार के रूप में राधे मां के चित्रण पर आपत्ति जताई और आंदोलन छेड़ा तो राधे मां को पर माफी मांगनी पड़ी थी।
खुद को देवी बताने वाली राधे मां पर कई तरह के आरोप लगते रहे हैं। अब वे एक बार फिर विवादों में हैं, वो भी अपने पुराने भक्त एमएम मिठाईवाला के मालिक मनमोहन गुप्ता के कारण। मोहन लाल ने उन पर बंगला हड़पने की कोशिश का आरोप लगाया है। पुलिस में शिकायत दी गई है, जिसकी जांच जारी है।