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सरहद पर कुछ हुआ तो कौन होगा जिम्मेदार, एक घंटे में ट्रैक खाली करें किसान: हाईकोर्ट

Wed, 06 Mar 2019 09:00 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo
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अमृतसर-दिल्ली रेलमार्ग बाधित होने के चलते सेना की सप्लाई प्रभावित होने पर हाईकोर्ट ने किसान मजदूर संघर्ष समिति के नेताओं से कहा सरहद पर तनाव है और आप रेलमार्ग बाधित करके बैठे हो। अगर कुछ हुआ तो क्या उसकी जिम्मेदारी लोगे। इस टिप्पणी के साथ ही पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने किसानों को एक घंटे के भीतर ट्रैक खाली करने के आदेश दिए।  

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मामले की सुनवाई शुरू होते ही कोर्ट के आदेश के अनुरूप किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के प्रधान और दो अन्य नेता कोर्ट में पेश हुए। हाईकोर्ट की सरहद पर हालात को लेकर की गई टिप्पणी के बाद किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने कहा कि वह देश हित में ट्रैक से हटने को तैयार हैं। इस दौरान कोर्ट ने कहा कि बच्चे को भूख लगी है यह मां को तब पता चलता है जब वह रोता है। सरकार मांगों के प्रति आंखें मूंदे बैठी है ऐसे में किसानों का प्रदर्शन करना गलत नहीं है। लेकिन जो तरीका अपनाया गया है वह गलत है। 

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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo
हाईकोर्ट ने समिति के नेताओं को मांगपत्र पंजाब सरकार को सौंपने के आदेश दिए और सरकार को निर्देश दिए कि वह 19 मार्च तक बताए कौन सी मांगे पूरी हो सकती है और कौन सी नहीं। जो पूरी नहीं हो सकती उसका कारण क्या है। साथ ही कहा कि सरहद पर जो हालात हैं उन्हें देखते हुए किसी भी स्थिति में सेना की सप्लाई प्रभावित नहीं होने दी जा सकती। 

कोर्ट ने किसानों को कहा, आपको समझना होगा देश पहले है और आपकी मांग बाद मे। कोर्ट ने कहा रेलवे ट्रैक खाली करो और जो निर्धारित जगह है वहां प्रदर्शन कर सकते हो। कोर्ट ने एजी पंजाब, किसान नेताओं व याचिकाकर्ता के वकील को चेंबर में बुलाया और उनका पक्ष जाना। एक घंटे बाद किसान नेताओं ने कहा कि देश हित में उन्होंने रेलवे ट्रैक खाली करने का निर्णय लिया है। चीफ जस्टिस ने पंजाब एजी अतुल नंदा को कहा कि 1 घंटे में हमने किसानों के साथ बैठकर बातचीत करके हल निकाला है क्या पंजाब सरकार ऐसा नहीं कर सकती थी।

चीफ जस्टिस के सामने नेताओं पर आरोप
संघर्ष समिति के नेताओं ने कोर्ट से बाहर आकर बताया कि उन्होंने चीफ जस्टिस को जानकारी दी है कि इंद्रजीत सिंह जीरा और कुलबीर सिंह जीरा किसानों की जमीनें हड़प रहे हैं और उन पर केस दर्ज करवा रहे हैं। उन्होंने कहा इसकी जांच हाईकोर्ट के वर्तमान जज से करवाई जाए। इस पर चीफ जस्टिस ने उन्हें अपनी मांगे हलफनामे के माध्यम से सौंपने के आदेश दिए हैं।
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