इसके साथ ही सीएम ने बिल्डिंग के मलबे में दबे हुए लोगों को बचाने के लिए युद्व स्तर पर काम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि इस प्रोजेक्ट में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं आनी चाहिए। वहीं, सरकार ने यह भी तय किया है कि घायलों का इलाज पर आने वाला सारा खर्च राज्य सरकार की तरफ से उठाया जाएगा। लोगों को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। डीसी ने बताया कि आरंभिक जांच में पता चला है कि जब बिल्डिंग गिरी तो साथ वाली बिल्डिंग में बेसमेंट का निर्माण कार्य चल रहा था। वहीं, अब होने वाले जांच में यह भी पता चलेगा कि निर्माण कार्य कानूनी था या फिर गैर कानूनी था। प्रशासन की टीमें इन सभी बिंदुओं पर जांच करेगी।