पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले में 27 साल का जवान मनिंदर सिंह शहीद हो गया। जैसे ही शहादत की खबर घर पहुंची, पिता और भाई बदहवास हो गए। उनका रो-रोकर बुरा हाल है।
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मनिंदर सिंह के पिता
शहीद मनिंदर पंजाब के गुरदासपुर के दीनानगर का रहने वाला था। उसकी अभी शादी भी नहीं हुइ्र थी। उसके पिता पंजाब रोडवेज से रिटायर्ड कर्मचारी है। वहीं उसका एक भाई है और वह भी सीआरपीएफ का जवान है। इन दिनों वह आसाम में तैनात है। मनिंदर सिंह की मां की मौत पहले ही हो चुकी है।
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मनिंदर सिंह के पिता
बताया जा रहा है कि मां की मौत के बाद पिता ने ही अपने दोनों बेटों का पालन पोषण किया। दो दिन पहले ही मनिंदर छुट्टी काटकर ड्यूट पर लौटा था कि शहादत की खबर आ गई। देर रात करीब 12 बजे पिता को बेटे के शहीद होने की खबर मिली तो वे बेहोश हो गए।
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pulwama terror attack
जब उन्हें होश आया तो बोले कि बेटा भारत मां के लिए शहीद हुआ है। उन्हें उसकी शहादत पर गर्व है, लेकिन भारत सरकार से वे नाराज हैं। उनका कहना है कि दुश्मन हर बार उनके सैनिकों को निशाना बनाता है और सेना व सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है, बदला क्यों नहीं लेती।
गौरतलब है कि 14 फरवरी को सीआरपीएफ के 2547 जवान जम्मू से श्रीनगर जा रहे थे। 75 वाहनों में जवान थे। जैसे ही काफिला पुलवामा पहुंचा, एक एसयूपी कार जवानों की बस से आकर टकरा गई। टक्कर लगने के बाद बस में धमाका हो गया। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने सीआरपीएफ हमले की जिम्मेदारी ली है।