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Bharat Bandh Today: जहां से शुरू हुआ किसान आंदोलन, वहां कैसा रहा 'भारत बंद', देखें- 15 तस्वीरें

Tue, 08 Dec 2020 08:23 PM IST
ajay kumar अमर उजाला नेटवर्क, पंजाब
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Bharat Bandh Punjab - फोटो : अमर उजाला
कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन की शुरूआत पंजाब से हुई। यहां के किसानों ने इन आंदोलनों की अगुवाई की। पंजाब के हजारों किसान मौजूदा समय में दिल्ली की चौखट पर डटे हैं। सरकार और किसानों के बीच बातचीत का सिलसिला जारी है। इस बीच किसानों ने आठ दिसंबर को राष्ट्रव्यापी बंद का आह्वान किया। इस बंद का असर पंजाब में कैसा रहा, आइए देखते हैं कुछ तस्वीरें...
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संगरूर में किसान संगठनों ने किया चक्का जाम। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
संगरूर : कारोबार रहा बंद, सड़कों पर सन्नाटा
भारत बंद के आह्वान पर संगरूर पूरी तरह बंद रहा। जिले में कारोबार पूरी तरह ठप रहा और शहर की सड़कों पर दिनभर सन्नाटा पसरा रहा।महावीर चौक पर किसान संगठनों ने चक्का जाम कर नारेबाजी की। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां ने लड्डा टोल प्लाजा पर ब्लॉक नेता राम सिंह कक्कड़वाल के नेतृत्व में चक्का जाम किया। सुनाम के आईटीआई चौक में भारतीय किसान यूनियन एकता (सिद्धूपुर) व अन्य संगठनों ने संयुक्त तौर पर मुख्य मार्ग पर यातायात ठप रखा। 
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मुक्तसर में धरना देते किसान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मुक्तसर : सभी वर्गों का किसानों को समर्थन
मुक्तसर में किसानों के संघर्ष को व्यापारियों, आढ़तियों, दुकानदारों, मजदूरों, कर्मचारियों समेत अन्य वर्ग का भरपूर समर्थन मिला। बाजार सूने रहे। विभिन्न जगहों पर अलग-अलग संगठनों ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। बस स्टैंड पर भी वीरानगी छाई रही। कोटकपूरा चौक पर किसान संगठनों ने धरना लगाया। बस स्टैंड पर पनबस कर्मचारियों ने भी प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ रोष जताया।

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अबोहर में लगा जाम। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अबोहर की सड़कों पर जाम
अबोहर में सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक बाजार पूरी तरह से सुनसान रहे। सभी सड़कों पर चक्का जाम से वाहनों की लंबी लाइनें लगी रहीं। वहीं व्यापारिक, राजनीतिक, व धार्मिक संगठनों ने अलग-अलग स्थानों पर धरना लगाकर मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। शिअद सर्कल कल्लरखेड़ा के प्रधान भूपेंद सिंह टिक्का के नेतृत्व में कल्लर खेड़ा बस अड्डे पर चक्का जाम किया गया। 
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जलालाबाद में धरना देते किसान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजपुर: किसानों ने निकाली ट्रैक्टर रैली
किसान संगठनों के सदस्य शहीद ऊधम सिंह चौक पर एकत्रित हुए और ट्रैक्टरों पर सवार होकर शहर में रैली निकाली। दुकानदारों ने कोई दुकान नहीं खोली और सड़कों पर सन्नाटा रहा। सभी वर्ग ने भारत बंद का पूरा समर्थन किया। मक्खू में भी किसान संगठनों के सदस्यों ने मुख्य सड़क पर बैठकर धरना दिया। जलालाबाद में सामाजिक, धार्मिक व राजनीतिक संगठनों ने किसानों के पक्ष में बंद का समर्थन किया। इस दौरान शहर के बाजार, सब्जी मंडी व अन्य दुकानें बंद रहीं। 
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फरीदकोट में सूने पड़े बाजार। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदकोट : एक्शन कमेटी ने रोष मार्च निकाला
फरीदकोट में बाजार और संस्थान बंद रहे। सरकारी व निजी बसें भी नहीं चलने के कारण बस स्टैंड पर भी सन्नाटा छाया रहा। उधर, रोपड़ में किसान संगठनों ने मंगलवार को चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। बंद में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल रहे। जबकि गांव रंगीलपुर के पास भी किसानों ने धरना लगाया। इस दौरान कई लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारी किसानों ने आने वाली एंबुलेंस को रास्ता दिया, जबकि कुछ युवाओं ने मीडिया कर्मियों की गाड़ियों को नहीं गुजरने दिया। प्रदर्शन की कवरेज करने पहुंचे मीडिया कर्मियों और किसान नेताओं ने इन युवाओं को समझाने का प्रयास भी किया। नंगल में भी भारत बंद को पूरा समर्थन मिला।
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जालंधर के करतारपुर में प्रदर्शन करते कांग्रेसी। - फोटो : अमर उजाला
जालंधर में भी बंद का असर
भारत बंद को जालंधर में पूरा समर्थन मिला। किसानों ने पीएपी चौक पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। कारोबारी लोगों ने भी बंद को समर्थन दिया। निगम यूनियन की तरफ से खुलकर बंद को समर्थन दिया गया। किसानों ने पीएपी चौक पर धरना दिया और हाईवे पर वाहनों की आवाजाही ठप कर दी। रैनक बाजार, माई हीरां गेट सहित सभी प्रमुख बाजार बंद रहे। किसानों के समर्थन में अकाली दल के अलावा डॉक्टरों और वकीलों ने भी प्रदर्शन में साथ दिया। मंगलवार को जालंधर में बस सेवाएं ठप रहीं।

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लुधियाना में कुछ ऐसा रहा माहौल। - फोटो : अमर उजाला
वहीं अमृतसर से जयनगर शहीद एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या- 04674) का रूट डाइवर्ट कर जालंधर कैंट लाया गया। मजदूर यूनियन ने डीसी कार्यालय के बाहर नारेबाजी की। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन व इंडियन डेंटल एसोसिएशन ने भी मंगलवार को किसानों के समर्थन में केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। वहीं सिख तालमेल कमेटी, सिंह सभाओं और कुछ व्यापारिक संगठनों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गोपाल नगर स्थित मुख्यालय पीली कोठी के घेराव की कोशिश की।

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गुरदासपुर के बटाला में बंद दुकानें। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गुरदासपुर : किसानों ने किया हाईवे जाम 
गुरदासपुर में सभी वर्गों के लोगों ने कारोबार ठप रख केंद्र सरकार के खिलाफ हुंकार भरी। किसानों ने अलग-अलग स्थानों पर हाईवे जाम कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले फूंके। गुरदासपुर के परशुराम चौक, दीनानगर का झंडेचक बाईपास, धारीवाल बाईपास पर चक्का जाम किया गया। जिले में बस सेवा, ऑटो और दुकानें पूर्ण तौर पर बंद रहीं। कादियां, बहरामपुर, दीनानगर, धारीवाल, डेरा बाबा नानक में लोगों ने बाजार बंद रख शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया। भारत बंद के आह्वान पर पठानकोट के विधायक अमित विज ने जिलेभर के समस्त व्यापारिक संगठनों के साथ गांधी चौक पर धरना दिया। 

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कपूरथला में कई संगठनों ने किया प्रदर्शन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कपूरथला : लोगों ने शांतिपूर्ण दिया धरना
कपूरथला में भारत बंद का व्यापक असर देखने को मिला। शहर के सभी बाजार किसानों के समर्थन में बंद रहे। तमाम धार्मिक, सामाजिक व राजनीतिक संगठनों ने भी कई हिस्सों में शांतिमय ढंग से प्रदर्शन किया। कपूरथला के शहीद भगत सिंह चौक, कपूरथला बाईपास चौक, बाबा झोटे शाह की मजार, अर्बन एस्टेट व गांव धालीवाल दोनां मोड़ पर किसानों के समर्थन में लोगों ने धरना दिया। सुल्तानपुर लोधी व भुलत्थ में भी लोगों ने बंद के समर्थन में धरने दिए।

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रोपड़ में चंडीगढ़-मनाली राजमार्ग किया जाम। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पटियाला में ऐसा रहा माहौल
पटियाला में भारत बंद का व्यापक असर रहा। सभी बाजार व दुकानें बंद रहीं। कई संगठनों ने जगह-जगह पर धरना-प्रदर्शन किया। पंजाब सबार्डिनेट सर्विसेज फेडरेशन, दि क्लास फोर्थ गवर्नमेंट इंप्लाइज यूनियन के बैनर तले विभिन्न सरकारी व गैर सरकारी विभागों के कर्मचारियों ने कामकाज का बहिष्कार कर जल स्रोत विभाग के बाराखुह स्थित आईबी कांप्लेक्स में इकट्ठा हुए। वहां कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ रोष रैली निकाली। पंजाबी यूनिवर्सिटी के विभिन्न छात्र संगठनों समेत अध्यापकों, कर्मचारियों और पेंशनरों ने यूनिवर्सिटी के गेट बंद कर मेन गेट के आगे धरना दिया। 

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बठिंडा में धरना। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बठिंडा में मंगलवार को भारत बंद के दौरान शाम चार बजे के बाद लोग घरों से निकले। शाम को पांच बजे के करीब पेट्रोल पंप और अन्य दुकानों पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। राजपुरा में भारतीय किसान यूनियन ने शंभू बॉर्डर, टोल प्लाजा व राजपुरा-सरहिंद बाईपास पर प्रदर्शन कर वाहनों की आवाजाही दोपहर तीन बजे तक बंद रखी।बरनाला में विभिन्न संगठनों ने भाजपा दफ्तर का घेराव किया। होशियारपुर में भी किसानों के बंद को पूरा समर्थन मिला। वहीं नवाशंहर में भी कई संगठनों ने धरना दिया।

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अमृतसर में सुरक्षा रही कड़ी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तरनतारन में विभिन्न राजनितिक, धार्मिक व समाजसेवी संगठनों ने बंद को समर्थन दिया। दूध, सब्जी, फल व दवा विक्रेता भी इस हड़ताल का हिस्सा बने। वहीं निजी ट्रांसपोर्ट बंद होने से यातायात भी प्रभावित रहा। इस दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिले में 1200 पुलिसकर्मी तैनात रहे।

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लुधियाना में मुस्लिम संगठनों ने निकाला रोष मार्च। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
भारत बंद का लुधियाना ने भी पूरा समर्थन किया। शहर के सभी बाजार सुबह से बंद रहे सिर्फ दवा की दुकानें ही खुली रही। इस दौरान जिले भर के सभी पेट्रोल पंप पूरी तरह से बंद रहे। वहीं शराब ठेके भी नहीं खुले। शहर के मुख्य चौराहों पर विभिन्न राजनीतिक और एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने धरना दिया। दोपहर तीन बजे तक जिला भर में भारत बंद पूरी तरह से शांतिपूर्वक रहा।
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लुधियाना में सूना पड़ा राजमार्ग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वहीं जगरांव पुल पर महिलाओं ने अनोखे ढंग से धरना दिया। सुबह दस बजे महिलाओं का जत्था यहां पहुंचा और कीर्तन करना शुरू कर दिया। दोपहर तीन बजे तक महिलाओं ने कीर्तन कर कृषि कानूनों का विरोध किया। गौरतलब है कि भारत बंद को देखते पुलिस ने घंटा घर चौक स्थित भाजपा दफ्तर और आरएसएस दफ्तर के आसपास पूरी तरह से नाकाबंदी कर रखी थी। अकाली दल ने समराला चौक पर धरना दिया। 
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