पुलवामा आतंकी हमले के बाद जैश-ए-मोहम्मद को लेकर तीन ऐसे खुलासे हुए हैं, जिन्हें जानकर भारतीय सेना और बीएसएफ अलर्ट हो गई है। वहीं देश के नौजवानों को भी संभलने की जरूरत है।
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- फोटो : अमर उजाला
खुफिया एजेंसियों के इस इनपुट के मुताबिक, पुलवामा में आतंकी हमला करने के बाद जैश के आतंकी फौज पर घात लगाए बैठे हैं। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के फिदायीन और स्नाइपर भी घाटी में सक्रिय हैं और हमले की ताक में है। खुफिया एजेंसियों के इस इनपुट के बाद जहां ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है, वहीं प्रमुख सैन्य छावनियों को भी कड़ी सुरक्षा और एहतियात बरतने के भी निर्देश दिए गए हैं।
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एलओसी पर तैनात बीएसएफ को भी पूरी तरह चौकन्ना रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पंजाब में पाकिस्तान बार्डर पर तैनात बीएसएफ को भी अलर्ट रहने को कहा है। वहीं इस निर्देश के बाद बीएसएपफ ने सभी बीओपी (बार्डर आउट पोस्ट) की सुरक्षा और कड़ी कर दी है। पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर जैश के फिदायीन हमले के बाद भारत सरकार ने सभी फोर्सिस को फ्री हैंड दे दिया है।
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लेकिन खुफिया एजेंसियों की मानें तो फिलहाल एक्शन से पहले एहतियात पर ज्यादा गंभीरता दिखानी होगी। उधर, पुलवामा हमले के फिदायीन आदिल अहमद डार के पूरे वीडियो को खंगालने के बाद सभी फोर्सिस को ज्यादा चौकस रहने को कहा है। इस वीडियो में फिदायीन डार ने इस बात का खुलासा किया है कि वह तो अपने फर्ज पर कुर्बान होने जा रहा है, लेकिन उसके जैसे कई और फिदायीन जैश ने तैयार कर लिए हैं, जो उचित समय पर अपने फर्ज को अंजाम देंगे।
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एलओसी के एक बड़े हिस्से की निगरानी चूंकि बीएसएफ के हाथों में हैं, इसलिए घाटी में बीएसएफ को हाई अलर्ट करते हुए हर परिस्थिति से निपटने को तैयार रहने के लिए कहा है। दूसरी ओर, खुफिया एजेंसियों के इनपुट के बाद घाटी में इंडियन फोर्सिस की ओर से बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। बीएसएफ के एक आला अफसर ने बताया कि सरहद पर बार्डर सिक्योरिटी फोर्स पूरी तरह तैयार है और हर इनपुट को गंभीरता से लेते हुए अपने स्टैंडर्ड सिक्योरिटी ऑपरेशंस के तहत काम कर रहे हैं।
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किशारों, युवकों को बरगलाकर कर रहे नियुक्तियां
खुफिया एजेंसियां इस बात का भी खुलासा कर रही है कि जैश के गुर्गे घाटी में अपनी सक्रियता के साथ-साथ सुदूर गांवों में किशोरों और युवकों को बरगलाने के नापाक काम में जुटे हुए हैं। गांव स्तर पर ही इन युवकों की अपने संगठन के लिए रिक्रूटमेंट की जाती है और फिर उनके जहन में अपने ही देश के खिलाफ जहर भरने के काम लिए अपने साथ ले जाया जाता है। स्थानीय युवकों के ब्रेन वॉश के बाद पाक समर्थित आतंकी संगठन जैश उन्हें डार की तरह फिदायीन बनाता है।
आतंकियों को बर्फबारी में बार्डर क्रास की दी जाती है ट्रेनिंग
सूत्रों के अनुसार पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आतंकियों को बार्डर क्रास करने की भी विशेष ट्रेनिंग दी जाती है। यहीं पीओके में पाक समर्थित आतंकी संगठनों के आतंकी कैंप चलते हैं। जिसमें हथियार चलाने की ट्रेनिंग से लेकर बरगलाकर आतंकी बनाने वाले युवकों को हर मौसम खासकर बर्फ के दौरान बार्डर कैसे क्रास करना है, इसकी भी जानकारी दी जाती है।