14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले को लेकर खुफिया एजेंसियों ने एक बड़ा खुलासा किया है। इसमें बताया गया है कि कैसे हमले की साजिश रची गई और कैसे तैयारी की गई।
विज्ञापन
2 of 7
pulwama attack
पुलवामा में 14 फरवरी को जिस विस्फोटक से सीआरपीएफ के जवानों से भरी बस को उड़ाया गया, उसे बॉर्डर पार से लाया गया था। काफी समय से घुसपैठियों द्वारा ये प्रक्रिया जारी थी और थोड़ा-थोड़ा कर इस विस्फोटक का इकट्ठा किया जा रहा था। यह खुलासा खुफिया विभाग के सूत्रों ने किया।
विज्ञापन
3 of 7
Pulwama Attack
विस्फोटक घाटी में पहुंचने के बाद उसे कैसे इस्तेमाल करना है, इसकी पूरी ट्रेनिंग जैश के फिदायीन आदिल अहमद डार उर्फ वकास को यहीं घाटी में ही दी गई थी। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद ही आत्मघाती डार ने भारतीय जवानों के खिलाफ सबसे बड़ी आतंकी घटना को अंजाम दिया।
4 of 7
pulwama attack jammu
- फोटो : अमर उजाला
खुफिया विभाग के सूत्रों ने उक्त खुलासा करते हुए ये भी बताया कि इसके अलावा हमले में इस्तेमाल कई तरफ के विस्फोटक ऐसे भी हैं, जिन्हें यहीं घाटी में ही तैयार किया जा रहा है और इन विस्फोटकों का इस्तेमाल आतंकी भारतीय सुरक्षा बलों के खिलाफ करते भी रहे हैं।
विज्ञापन
5 of 7
pulwama terror attack
उधर, खुफिया एजेंसियों का ये भी मानना है कि पुलवामा में इस्तेमाल किया गया विस्फोटक बॉर्डर पार से नशे की खेप के साथ ही थोड़ा-थोड़ा कर देश में आया था। जांच एजेंसियां भी इसकी पूरी तह तक जाने में जुटी हुई हैं, क्योंकि वे उस चैनल के खिलाफ भी क्रेकडाउन चाहती हैं, जिसके जरिए इतनी बड़ी मात्रा में ये विस्फोटक घाटी तक पहुंचाया गया।
विज्ञापन
6 of 7
pulwama attack
अब जम्मू, उत्तर व मध्य कश्मीर में पैठ बढ़ाना चाहता है जैश
दक्षिण कश्मीर के बाद अब आतंकी संगठन जैश का फोकस जम्मू, उत्तर और मध्य कश्मीर रीजन पर है। खुफिया एजेंसियों की मानें तो जैश अब इस रीजन में अपनी पैठ बढ़ाना चाहता है। इसके लिए उसने युवाओं और किशोरों पर डोरे डालना जारी रखा हुआ है।
इसके लिए जो प्रचार किया जा रहा है, इसके तहत उनका ब्रेनवॉश करते हुए पहले तो जेहाद के लिए उन्हें तैयार रहने को कहा जा रहा है और फिर जेहाद के लिए जैश-ए-मोहम्मद संगठन को सबसे बड़ा प्लेटफार्म बताया जा रहा है। युवाओं व किशोरों को बार-बार ‘इंतकाम’ लेने के लिए उकसाते हुए उन्हें अपने साथ जुड़ने को कहा जा रहा है।