सतलोक आश्रम के बाहर आज फिर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। इसे देख आसपास के लोग भी हैरान थे। दरअसल, सतलोक आश्रम में रामपाल जो खाना भगवान का प्रसाद कहकर लोगों को खिलाता था, वह बृहस्पतिवार को नीलाम हो गया। करीब साढ़े चार सौ से 500 लोग आश्रम में खरीददार बनकर पहुंचे। जिला प्रशासन को इतने लोगों के पहुंचने की उम्मीद भी नहीं थी।
Trending Videos
विज्ञापन
देखिए, सतलोक आश्रम में फिर से ये भीड़ कैसी?
2 of 6
इतने अधिक लोगों के पहुंचने के चलते पांच सदस्यीय कमेटी अफरा-तफरी मच गई। बोली का समय सुबह 11 बजे दिया गया था। खरीददारों की संख्या अधिक होने के कारण कमेटी ने तुरंत 50 हजार रुपये की सिक्योरिटी जमा करवाने पर बोली में हिस्सा लेने का ऐलान कर दिया। बिना सिक्योरिटी दिए बोली में हिस्सा लेने आए सैकड़ों लोग निराशा लेकर वापस चले गए।
विज्ञापन
देखिए, सतलोक आश्रम में फिर से ये भीड़ कैसी?
3 of 6
सामान की 117 व्यापारियों ने सिक्योरिटी राशि जमा करवाकर बोली लगाई। बोली दोपहर करीब ढाई बजे शुरू हो पाई और शाम छह बजे खत्म हुई। जिन 117 लोगों ने बोली में भाग लिया, पहले उन्हें दस-दस लोगों का ग्रुप बनाकर सामान दिखाया गया। उन्हें फिर गेट पर बुला लिया। बोली देने वाले लोग जमीन पर ही आश्रम के गेट के अंदर बैठ गए। इसके बाद किसी को अंदर नहीं जाने दिया। व्यापारियों ने एक-दूसरे से बढ़-चढ़कर बोली लगाई।
देखिए, सतलोक आश्रम में फिर से ये भीड़ कैसी?
4 of 6
व्यापारियों ने एक-दूसरे से बढ़-चढ़कर बोली लगाई। कई बार व्यापारियों में बोली छुड़वाने के लिए गर्मागर्मी भी हुई। उपमंडल अधिकारी (नागरिक) बरवाला प्रशांत अटकान की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को पांच सदस्यीय समिति द्वारा सतलोक आश्रम सर्च अभियान के दौरान बरामद की गई खाद्य सामग्री की खुली बोली हुई।
विज्ञापन
देखिए, सतलोक आश्रम में फिर से ये भीड़ कैसी?
5 of 6
एसडीएम ने बताया कि दूसरे जिलों के व्यापारियों ने भी भाग लिया। इसमें जींद, नरवाना, बरवाला, हांसी, हिसार, आदमपुर सहित आसपास के क्षेत्र के व्यापारियों ने भाग लिया। एसडीएम अटकान ने बताया कि बोली में भाग लेने वाले व्यापारियों से 50 हजार रुपये सिक्योरिटी राशि के तौर पर जमा करवाई।
बोली की कीमत का ड्राफ्ट उपमंडल अधिकारी नागरिक बरवाला के नाम जमा करवाना होगा। कमेटी सदस्यों ने बोली छुड़वाने वाले व्यापारियों को दो दिन के अंदर सामान उठाने की बात कही है। बोली करवाने वाली कमेटी में एसडीएम के अतिरिक्त, एएफएसओ बरवाला, बीडीपीओ बरवाला, थाना प्रबंधक बरवाला और रामपाल के अधिवक्ता शामिल थे।