महिला टीचर्स पेट्रोल की बोतलें टंकी पर चढ़ गईं। अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर बातचीत की तो वे नीचे आईं। मामला पंजाब के बाघापुराना (मोगा) का है। यहां विरोध कर रहे टीचर्स पेट्रोल की बोतलें लेकर बस स्टैंड पर बनी पानी की टंकी पर चढ़ गए।
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पेट्रोल लेकर टंकी पर चढ़ीं महिलाएं, देखिए आगे क्या हुआ?
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इस मौके पर अध्यापक नेता स्वर्ण कौर बठिंडा और कुलवंत कुमारी फरीदकोट ने बठिंडा में लाठीचार्ज के बाद जेल में बंद की गई 5 महिला टीचरों समेत गिरफ्तार 11 अध्यापकों खिलाफ दर्ज किया झूठा केस रद्द करने और उनकी बिना शर्त रिहाई समेत अन्य मांगों माने जाने तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया। मौके पर पहुंची बाघापुराना की एसडीएम निधी कलोतरा, कार्यकारी मजिस्ट्रेट गुरमेल सिंह और डीएसपी बाघापुराना बलविंदर सिंह ने अध्यापकों को बातचीत का न्योता दिया।
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टीचरों ने कहा कि उनकी मुख्यमंत्री से मीटिंग के अलावा दूसरी मांगें मानने और गिरफ्तार अध्यापकों की बिना शर्त रिहाई का सरकार ऐलान नहीं करती तब तक अध्यापक पानी की टंकी से नीचे नहीं आएंगे। जत्थेबंदी की जिला प्रधान जसप्रीत कौर समेत अन्य अध्यापकों ने बठिंडा पुलिस की तरफ से हिरासत में ली महिला अध्यापकों को आधी रात में खेतों में छोड़ने की निंदा करते कहा कि प्रदेश सरकार बेरोजगारी खत्म करने की जगह रोजगार छीन रही है।
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अध्यापकों के पानी की टंकी पर चढ़ने की की खबर मिलने पर पुलिस ने उन्हें जबरन उतारने की कोशिश की। इस पर अध्यापकों ने पेट्रोल की बोतलें बाहर निकाल लीं। पेट्रोल की बोतलें देखकर पुलिस पीछे हट गई। इस मौके पर काउंसिल की जगह से धरना उठाने के लिए दबाव डालने आए एक अकाली काउंसिलर को भी अध्यापकों के गुस्से का शिकार होना पड़ा।
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कांग्रेस के जिला प्रधान दर्शन सिंह बराड़ और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं के अलावा अन्य जत्थेबंदी नेताओं ने भी अध्यापकों के संघर्ष की हिमायत की। उन्होंने कहा कि वह अध्यापकों के संघर्ष में हर कदम पर उनका साथ देंगे। अध्यापकों की मांगें जायज हैं।
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पानी की टंकी पर चढ़े अध्यापकों के प्रतिनिधियों की प्रशासन ने शाम पांच बजे डिप्टी कमिश्नर परमिंदर सिंह गिल के साथ मीटिंग कराई। शाम सात बजे तक चली मीटिंग में मामले का कोई हल नहीं निकल सका। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने टंकी परिसर में बेमियादी धरना देने का ऐलान कर दिया।