देश में दुनिया का सबसे ऊंचा मंदिर बन रहा है और जिन्होंने इसका नक्शा बनाया, उन्हें हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मानित किया। जानिए मंदिर की खासियतें।
विज्ञापन
2 of 11
दुनिया का सबसे ऊंचा चंद्रोदय मंदिर
ये हैं पंजाब के आर्किटैक्ट राजेश शर्मा। ये ज्ञानीजैल सिंह कैम्पस कॉलेज आफ इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी के आर्किटेक्चर विभाग बठिंडा से पढ़े है। इनको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया है। उन्हें यह पुरस्कार वृंदावन में बन रहे दुनिया के सबसे ऊंचे चंद्रोदय मंदिर के लिए नक्शा डिजाइन करने के लिए दिया है।
विज्ञापन
3 of 11
दुनिया का सबसे ऊंचा चंद्रोदय मंदिर
बठिंडा के इंजीनियरिंग कॉलेज में 1995 बैच के छात्र राजेश शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वास्तुकला पेशे में अपनी उपलब्धियों ने नाम रोशन किया है। सांस्कृतिक श्रेणी में दिल्ली वास्तुकला उत्सव 2016 में मंदिर डिजाइन को प्रथम पुरस्कार मिला। गोवा में एक पुरस्कार समारोह में उनकी फर्म को अंतर्राष्ट्रीय उत्कृष्टता पुरस्कार 2017 से सम्मानित किया गया था।
4 of 11
दुनिया का सबसे ऊंचा चंद्रोदय मंदिर
राजेश शर्मा कुरुक्षेत्र में जीआईटीई ज्ञान संस्थान के वास्तुकार भी हैं, आईएसबीटी, गुड़गांव, दुर्गियाणा मंदिर, अमृतसर के पुनर्निर्माण और कई प्रतिष्ठित परियोजना में वह काम कर अपनी कला का लोहा मना चुके हैं। डा.मोहन पॉल सिंह ईशर उप-कुलपति एमआरपीटीयू बठिंडा ने एक छात्र द्वारा अद्वितीय उपलब्धि पर वास्तुकला विभाग को बधाई दी। प्रो.जसबीर सिंह हुंडल प्रो. गुरशरण सिंह ने बधाई दी।
विज्ञापन
5 of 11
दुनिया का सबसे ऊंचा चंद्रोदय मंदिर
राजेश शर्मा, प्रिंसिपल आर्किटेक्ट ऑफ इंजीनियर्स स्टूडियो में हैं। मथुरा के पास वृंदावन में विश्व प्रसिद्ध (निर्माणाधीन) चंद्रोदय मंदिर स्थापित किया जा रहा है। इसका नक्शा बनाने उसे विश्व में बेमिसाल बनाने का दायित्व राजेश शर्मा के पास था। उन्होंने हाल ही में प्रधानमंत्री नरिंदर मोदी के अनुकरणीय कार्य के लिए प्रशंसा का पत्र प्राप्त किया है। यह मंदिर 332 मीटर ऊंचा होगा और 9.5 एकड़ क्षेत्र में फैलेगा।
विज्ञापन
6 of 11
दुनिया का सबसे ऊंचा चंद्रोदय मंदिर
मंदिर का निर्माण साल 2020 तक पूरा हो जाने की संभावना है। इस मंदिर के 20 एकड़ क्षेत्र में भगवान कृष्ण पर आधारित देश के पहले थीम पार्क का भी निर्माण किया जाएगा। इस्कॉन, बेंगलूर की परिकल्पना पर आधारित इस परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और इस साल दिसंबर तक नींव का काम पूरा हो जाने की संभावना है।
विज्ञापन
7 of 11
दुनिया का सबसे ऊंचा चंद्रोदय मंदिर
65 एकड़ क्षेत्र में फैली पूरी परियोजना में 210 मीटर (लगभग 700 फुट) उंचे, 70 मंजिला मंदिर का निर्माण किया जाएगा। मंदिर का ढांचा 500 से अधिक स्तंभों पर खड़ा होगा जिनमें से प्रत्येक का व्यास एक मीटर और उंचाई 55 मीटर होगी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मार्च 2014 में वृंदावन चंद्रोदय मंदिर का भूमि पूजन किया था।
8 of 11
दुनिया का सबसे ऊंचा चंद्रोदय मंदिर
इस्कॉन, बेंगलूर से जुड़े दास के अनुसार मंदिर के चारों ओर वृंदावन के हरे-भरे वनों की तर्ज पर एक वन बनाया जाएगा जो भगवान कृष्ण पर आधारित पहला थीम पार्क होगा। यह वन क्षेत्र करीब 20 एकड़ में फैला होगा जिसमें वटवृक्षों से घिरा भंदिरवन, ताड़ के वृक्षों से घिरा ताल वन और कमल पुष्पों के जलाशयों से सजा कुमुद वन होगा। इसमें ब्रज के 12 वन क्षेत्र (द्वादश कानन) के प्रतिरूप बनाए जाएंगे।
9 of 11
दुनिया का सबसे ऊंचा चंद्रोदय मंदिर
यमुना के स्वरूप में कृत्रिम झरने का निर्माण किया जाएगा, जिसमें पर्यटकों को नौकायन का अवसर मिलेगा। बच्चों को भी आनंद की अनुभूति होगी क्योंकि वहां जंगल में कृष्ण-लीला देखने को मिलेगी। मंदिर परिसर में एक भागवत पुराण एक्सपो और कृष्ण संग्रहालय भी आकषर्ण का केंद्र होंगे जिनके माध्यम से पुराणों में वर्णित भगवान कृष्ण के कलात्मक उत्सवों का भारत की विभिन्न संस्कृतियों के आधार पर प्रदर्शन किया जाएगा।
10 of 11
दुनिया का सबसे ऊंचा चंद्रोदय मंदिर
मंदिर के भूतल से लिफ्ट उपर तक ले जाएगी। जिसमें त्रिआयामी ध्वनि और प्रकाश शो के माध्यम से ब्रह्मांड की छवि दिखाई जाएगी। लिफ्ट 700 फुट तक उंचाई पर ले जाएगी जहां से ब्रज क्षेत्र का विहंगम दृश्य देखा जा सकेगा। पूरी परियोजना पर लगभग 700 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है और पूरा खर्च ‘वृंदावन चंद्रोदय मंदिर’प्रबंधन जनता से एकत्रित चंदे के माध्यम से उठाएगा।
मंदिर प्रबंधन इसे दुनिया का पहला ऐसा मंदिर बनाने की दिशा में भी काम कर रहा है जो लीड (लीडरशिप इन एनर्जी एंड एनवॉयरमेंट डिजाइन) की ओर से गोल्ड रेटिंग प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिहाज से सभी मानकों को पूरा करता हो। परियोजना की डिजाइनिंग में मैसर्स थॉर्नटॉन टोमासेत्ती कंपनी शामिल है और इसके अमेरिका कार्यालय से लियोनार्ड जोसफ इसकी डिजाइन पर काम कर रहे हैं।