अगर आप छोटी कार खरीदने की योजना बना रहे हैं तो यह सही वक्त है इसे खरीदने का। नहीं तो GST लगने के बाद आप बहुत पछताएंगे, देखिए
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मारुति सुजुकी ऑल्टो 800
- फोटो : Maruti Suzuki
एक जुलाई से छोटी कारों की कीमतों के बढ़ने की संभावना है। गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) के लागू होने के बाद ऐसा हो सकता है। हां, यदि आपको लग्जरी कार खरीदना है तो आप थोड़ा इंतजार कर लें क्योंकि लग्जरी कारों के दामों में गिरावट आने की संभावना है।
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gst give employment
जीएसटी को लेकर कारों के चार सेगमेंट तैयार किए गए हैं। इसमें छोटी कारें, मिड साइज कार, लग्जरी कार और एसयूवी शामिल हैं। जीएसटी के आने के बाद पांच फीसदी कंपनसेसन सेस तो एकदम तय है। इसमें एक, तीन और पंद्रह फीसदी का सेस लगेगा।
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कारों के ये हैं चार सेगमेंट
छोटी कारें : जिनकी लंबाई चार मीटर से कम है और पेट्रोल इंजन 1.2 लीटर से ज्यादा और 1.5 से कम का है।
मिड साइज कारें : जिनकी लंबाई चार मीटर तक है, जिनका इंजन 1.5 लीटर तक है
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GST BILL
लग्जरी कारें : जिनकी लंबाई चार मीटर से ज्यादा और इंजन की क्षमता 1.5 लीटर है।
एसयूवी: जिनकी लंबाई चार मीटर से ज्यादा और ग्राउंड क्लीयरेंस 170 एमएम तक है। इंजन 1.5 या ज्यादा है।
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जीएसटी
क्या बढ़ेंगे छोटी कारों के दाम
अभी छोटी कारों पर एक्साइज 12.5 फीसदी और वैट 12.5 फीसदी के साथ एक फीसदी इंफ्रा सेस लगता है, जिससे टैक्स 26 फीसदी बनता है। जीएसटी के बाद जीएसटी का रेट 28 फीसदी होगा और एक फीसदी सेस लगने के साथ ही टैक्स की दर 29 फीसदी हो जाएगी।
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gst
मिड साइज कारों में एक्साइज 24 फीसदी और वैट 12.5 फीसदी लगता है। उसके साथ ही चार फीसदी इंफ्रा सेस लगता है, जिससे रेट 40.5 से 48.5 फीसदी तक होते हैं। जीएसटी के बाद 28 फीसदी के साथ 15 फीसदी सेस लगने से रेट 43 फीसदी हो जाएंगे।
जीएसटी का छोटी कारों पर ज्यादा प्रभाव होगा। अभी छोटी कारों पर 26 फीसदी टैक्स होता है जबकि जीएसटी के आने के बाद टैक्स की दर फ्लैट पेट्रोल पर 29 फीसदी और डीजल पर 31 फीसदी हो जाएगी। इसके साथ ही मिड साइज सेडान की कीमत भी बढ़ सकती है। जिसकी वजह है 15 फीसदी का सेस। अभी मिड साइज सेडान पर 24 फीसदी एक्साइज, 12.5 फीसदी वैट और चार फीसदी इंफ्रा सेस लगता है। जिससे टैक्स की कीमत औसतन 40.5 से लेकर 48.5 फीसदी होती है।
- संदीप गोयल, चार्टर्ड अकाउंटेंट, जीएसटी एक्सपर्ट।