अगर वजन कंट्रोल नहीं हो रहा और आप लगातार तनाव में रहते हैं तो आपको इस बीमारी के होने का खतरा है, जानिए इसके बारे में और बचने के तरीके।
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डायबिटीज
हर ओपीडी में 200 नए मरीज डायबिटीज के
चंडीगढ़ में प्री डायबिटीज तेजी से बढ़ा है। वर्ष 2008 में शहर के करीब 14 प्रतिशत लोग प्री डायबिटीज के चपेट में थे। अब यह आंकड़ा 20 प्रतिशत के पार पहुंच गया है। यह दावा पीजीआई के इंडोक्राइनोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर संजय बडाडा ने किया है। उनके मुताबिक हर ओपीडी में करीब 200 नए मरीज डायबिटीज के आ रहे हैं। जो बहुत बड़ा आंकड़ा है। हालांकि इसमें चंडीगढ़ सहित हरियाणा व पंजाब के भी मरीज शामिल हैं।
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डायबिटीज
बिगड़ती लाइफ स्टाइल और खानपान वजह
प्रोफेसर संजय बडाडा के मुताबिक बिगड़ती लाइफ स्टाइल और खानपान की वजह से लोग प्री डायबिटीज की गिरफ्त में आए हैं। यदि इस स्टेज में लोगों ने ध्यान नहीं दिया तो वे गंभीर बीमारी के शिकार बन सकते हैं। प्री डायबिटीज एक संकेत है, जो बताता है कि व्यक्ति डायबिटीज की ओर बढ़ रहा है। हाल ही में लांन्सेंट जरनल में प्रकाशित आईसीएमआर-इंडियन डायबिटीक स्टडी में इसे लेकर खुलासे हुए।
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डायबिटीज
चंडीगढ़ के 14 प्रतिशत लोग डायबिटीज
पता चला कि चंडीगढ़ के 14 प्रतिशत लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं, जो पूरे भारत में सबसे ज्यादा है। शहरी इलाके के करीब 27 प्रतिशत गरीब घरों से ताल्लुक रखने वाले लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं, जबकि अमीर घराने से ताल्लुक रखने वाले सिर्फ 13 प्रतिशत। चंडीगढ़ में शहरी गरीब का मतलब यहां की कालोनियों में रहने वाला व्यक्ति है। दूसरे प्रदेशों के मुकाबले यहां की कालोनी में रहने वाला व्यक्ति ज्यादा संपन्न है।
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डायबिटीज
कालोनियों में करेंगे सर्वे
डा. संजय बडाडा के मुताबिक कालोनियों में वे जल्द ही एक सर्वे शुरू करेंगे। इसमें देखा जाएगा कि आखिर यहां के लोगों में कितना डायबिटीज है। इसके लिए एक रिसर्च संस्था की ओर से भी सहयोग मिलेगा। लासेंट में प्रकाशित स्टडी बताती है कि चंडीगढ़ के कालोनी में रहने वाले लोग सबसे ज्यादा डायबिटीज से पीड़ित हैं। इसलिए कॉलोनी में सर्वे करने का फैसला लिया गया है।
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डायबटीज
क्या होता है प्री डायबिटिक
विशेषज्ञों के मुताबिक यदि बिना कुछ खाए ग्लूकोज का स्तर 110-125 एमजी/डीएल और खाने के बाद 140-199 के बीच आता है तो प्री डायबिटिक की चपेट में हैं। प्री डायबिटिक के बाद डायबिटीज होने के पूरे चांस होते हैं। यदि कम उम्र में ही डायबिटीज हो जाए तो शरीर के दूसरे अंगों के खराब होने की संभावना होती है।
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मधुमेह
प्री डायबिटिक के कारण
वजन को कंट्रोल न कर पाना। तनाव में ज्यादा रहना। एक्सरसाइज बिल्कुल न करना। बचपन में कम और 30 साल के बाद ज्यादा खाना। रात के वक्त ज्यादा खाना। माता-पिता या भाई या बहन में से किसी को डायबिटीज की समस्या है। शारीरिक रूप से अधिक सक्रिय ना रहते हों। अधिक भूख लगना, अधिक प्यास लगना, वजन बढऩा, लगातार पेशाब आना, पेट बढ़ना, कम दिखाई देना आदि।
डायबिटीज से बचने के उपाय
नियमित व्यायाम करें। अगर समय नहीं निकाल पा रहे हैं तो दूसरी एक्टीविटीज करें। खाने में घी, तेल, चिकनाई यानी ट्रांस फैट का प्रयोग न के बराबर करें। प्रोसेस्ड फूड और तले हुए आहार का सेवन करने से बचें। चीनी, मैदा, फूट जूस का सेवन करने से बचें। संतुलित आहार का सेवन करें, फल और सब्जियों का सेवन करें।