फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

करनाल में किसानों का हंगामा, सीएम को कार्यक्रम करना पड़ा रद्द, देखें- बवाल की 10 तस्वीरें

Sun, 10 Jan 2021 03:29 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करनाल (हरियाणा)
विज्ञापन
1 of 10
हरियाणा के करनाल में किसानों का बवाल। - फोटो : अमर उजाला
हरियाणा के करनाल में सीएम मनोहर लाल की किसान महापंचायत से पहले किसानों ने जमकर बवाल किया। पुलिस के इंतजाम किसानों के सामने बौने नजर आए। किसान बैरिकेड्स तोड़ सीएम के रैली स्थल तक पहुंच गए। पंडाल में भी जमकर हंगामा किया। हालात इतने बिगड़ गए कि सीएम को अपना कार्यक्रम रद्द करना पड़ा। देखें हैं बवाल की 10 तस्वीरें...
विज्ञापन

2 of 10
आंसू गैस के गोले दागता सुरक्षाकर्मी। - फोटो : ANI
हरियाणा के करनाल जिले के कैमला गांव में सीएम मनोहर लाल की किसान महापंचायत रविवार (10 जनवरी) को प्रस्तावित थी। इससे पहले यहां हजारों की संख्या में किसान पहुंच गए। पुलिस के रोकने पर किसानों ने जमकर बवाल मचाया। पुलिस के तमाम नाके तोड़कर किसान खेतों के रास्ते कैमला गांव पहुंचे और वहां कार्यक्रम स्थल पर तोड़फोड़ की। इस दौरान पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था भी धरी रह गई।
विज्ञापन

3 of 10
- फोटो : ANI
बिगड़े हालत की वजह से मुख्यमंत्री की किसान महापंचायत को भी रद्द करना पड़ा और मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर कैमला गांव में नहीं उतरा। बता दें कि आज होने वाली किसानों की महापंचायत में मुख्यमंत्री मनोहर लाल को किसानों से सीधा संवाद करना था। कार्यक्रम की तैयारियां पिछले कई दिनों से चल रहीं थीं।

4 of 10
- फोटो : अमर उजाला
किसान भी इस दौरान सीएम की इस महापंचायत का विरोध करने की चेतावनी लगातार दे रहे थे। यही वजह रही कि शनिवार को प्रशासनिक और पुलिस अफसरों की किसान नेताओं के साथ एक बैठक भी हुई, जिसमें अफसरों ने किसानों को चेतावनी दी थी कि उन्हें शांतिपूर्वक धरने का अधिकार है लेकिन यदि कैमला में किसान महापंचायत के दौरान किसानों ने कोई गड़बड़ी की तो सख्ती से निपटा जाएगा। 
विज्ञापन

5 of 10
- फोटो : अमर उजाला
इस चेतावनी के बावजूद रविवार को हजारों की संख्या में किसानों का जत्था कैमला गांव रवाना हुआ। कैमला में जिस जगह सीएम की महापंचायत होनी थी, उस क्षेत्र को पुलिस फोर्स ने सात जगह नाकेबंदी कर घेर रखा था लेकिन घरौंडा के आउटर इलाके से हजारों की संख्या में किसान कैमला की ओर बढ़ने लगे।
विज्ञापन

6 of 10
करनाल में जुटी किसानों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला
किसानों ने पहला नाका तो तोड़ दिया, मगर दूसरे नाके पर फोर्स के साथ किसानों का टकराव हो गया जिसके चलते जमकर बवाल हुआ। दूसरे नाके पर बवाल के दौरान किसानों का रेला आगे बढ़ता देख पुलिस फोर्स ने आंसू गैस के गोले छोड़ने शुरू कर दिए। ढाई घंटे तक यहां बवाल चलता रहा। जिसके बाद किसान खेतों की ओर दौड़ने लगे और पुलिस फोर्स उनका पीछा कर उन्हें खदेड़ती रही। 
विज्ञापन

7 of 10
धरनास्थल पर बिखरी कुर्सियां। - फोटो : अमर उजाला
स्थिति बहुत ज्यादा तनावग्रस्त हो गई इस दौरान पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा। किसानों का काफिला अचानक कैमला में उस जगह पहुंच गया, जहां सीएम का कार्यक्रम होने प्रस्तावित था। किसानों ने अचानक वहां पहुंचकर उत्पात मचाना शुरू कर दिया और वहां खूब हंगामा किया। जिसे देख आयोजकों ने भी वहां से भागना उचित समझा।

8 of 10
कार्यक्रमस्थल पर पड़े गमले। - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात टीम ने हालात की समीक्षा के बाद कार्यक्रम को रद्द करने की सलाह दी। जिसके बाद सीएम मौके पर नहीं आए और कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। कैमला गांव में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले शुक्रवार को भी ग्रामीणों और किसानों में टकराव हुआ था। शुक्रवार की सुबह कार्यक्रम स्थल पर विरोध जताने पहुंचे किसानों को ग्रामीणों ने गांव के प्रवेश द्वार पर ही रोक दिया था।

9 of 10
- फोटो : अमर उजाला
दोनों ओर से भीड़ के आमने-सामने होने पर पुलिस प्रशासन के हाथ पांव फूल गये थे। तनातनी और हाथापाई के बीच किसानों को वापस लौटने का निर्णय लिया। तब जाकर अफसरों और अन्य लोगों ने राहत की सांस ली।  बता दें कि घरौंडा विधायक हरविंद्र कल्याण कैमला गांव में किसान महापंचायत का आयोजन करवा रहे हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मनोहर लाल को किसानों से संवाद करना था। इससे नाराज किसानों ने शुक्रवार को भी विधायक के फार्म हाउस के घेराव की चेतावनी दी थी।
विज्ञापन

10 of 10
- फोटो : अमर उजाला
किसानों ने प्रशासन को चकमा देकर कैमला गांव में सीएम के कार्यक्रम स्थल की ओर कूच किया। दूसरी ओर पहले से ही तैयार ग्रामीणों को जब इसकी भनक लगी तो विधायक हरविंद्र कल्याण के साथ वे किसानों को रोकने निकल पड़े। सैकड़ों की संख्या में किसानों और ग्रामीणों आमने-सामने आ गये। ग्रामीणों का कहना था कि यह धार्मिक आयोजन है और हर साल होता रहा है। ऐसे में इसका विरोध उचित नहीं है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें