जेलों में बंद सजा पूरी कर चुके कैदियों की रिहाई के लिए पिछले 56 दिन से भूखहड़ताल पर बैठे गुरबख्श सिंह खालसा के बृहस्पतिवार को अमृतसर जा रहे ‘अंतिम इच्छा मार्च’ को अंबाला पुलिस ने लखनौर साहिब गुरुद्वारे के पास ही रोक लिया। करीब तीन घंटे तक यह मार्च भारी पुलिस बल की घेराबंदी के बीच सड़क पर ही खड़ा रहा।
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पुलिस ने रोका खालसा का ‘अंतिम इच्छा मार्च’?
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खालसा समर्थक लखनौर साहिब-सिटी लिंक रोड पर ही सड़क पर धरना जमाकर बैठ गए और गुरबाणी का पाठ करने लगे। विवादों के बीच पुलिस कमिश्नर ओपी सिंह और डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने इस मार्च की अगुवाई कर रहे गुरबख्श सिंह खालसा को वापस लखनौर साहिब गुरुद्वारा में ही भिजवा दिया। इस मार्च को लेकर पंजाब में बन रहे तनाव को देखते हुए अंबाला पुलिस ने इसे आगे जाने की अनुमति नहीं दी।
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पुलिस ने रोका खालसा का ‘अंतिम इच्छा मार्च’?
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पंजाब पुलिस ने राजपुरा शंभू बार्डर पर बुधवार रात्रि इसी यात्रा के संबंध में गुरबख्श सिंह खालसा के पास पहुंच रहे एक जत्थे को भी अंबाला आने से रोक दिया था। इसलिए खालसा को पहले से ही आशंका थी कि अंतिम इच्छा मार्च को रोका जाएगा। उन्होंने बुधवार रात लखनौर साहिब गुरुद्वारा में पर्ची डालकर इस यात्रा को आगे ले जाने या न ले जाने का फैसला किया।
पुलिस ने रोका खालसा का ‘अंतिम इच्छा मार्च’?
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समर्थकों के दबाव के चलते बृहस्पतिवार सुबह अमृतसर जाने का फैसला लिया गया। बृहस्पतिवार सुबह यह मार्च एक पालकी साहब और पंज प्यारों की अगुवाई में दोपहर 2 बजे अमृतसर के लिए लखनौर साहिब गुरुद्वारे से रवाना हो गया, लेकिन पंजाब बार्डर व अन्य इलाकों में तनाव को देखते हुए अंबाला पुलिस ने खालसा के काफिले को यहीं लखनौर साहिब-सिटी लिंक रोड पर ही घेरकर रोक दिया।
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इस मार्च में भाग लेने और गुरबख्श सिंह खालसा से मिलने आए संगरूरके आम आदमी पार्टी से सांसद भगवंत मान ने अंबाला पुलिस और गुरबख्श सिंह के बीच मध्यस्थ का काम किया। अंबाला कमिश्नर ओपी सिंह ने सांसद भगवंत मान से गुरबख्श सिंह को समझाने का आग्रह किया। भगवंत मान कई बार अंबाला पुलिस व प्रशासन का प्रस्ताव लेकर गुरबख्श सिंह के पास आते-जाते रहे।
फिर डीसी मनदीप सिंह बराड़ और पुलिस कमिश्नर ओपी सिंह ने सीधे गुरबख्श सिंह से बात की और उन्हें वहां जाने को कहा। अंतत: गुरबख्श को अपनी जिद छोड़नी पड़ी और गाड़ी में गुरबख्श सिंह को वापस लखनौर साहिब गुरुद्वारे भिजवा दिया गया।