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संभल कर खाएं अंडा, प्लास्टिक का हो सकता है, ऐसे पहचानें असली-नकली

Thu, 30 Nov 2017 05:10 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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प्लास्टिक का अंडा
अंडा खाते हैं तो संभलकर खाएं, वह प्लास्टिक का हो सकता है। इसलिए जरूरी है कि आपको असली और नकली की पहचान पता हो, धोखे से बच जाएंगे।
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eggs scandal
आजकल अंडा महंगा हो गया है, पहले यह 5 रुपये का था और अब सात रुपये या आठ रुपये का​ मिलता है। वहीं इसके प्लास्टिक का होने की बात भी चर्चा में है। चंडीगढ़ में एक शख्स दुकानदार से पूछने लगा कि अंडा प्लास्टिक का तो नहीं, इस बात को लेकर बहस तक हो गई। लोगों का कहना है कि एक तो अंडा महंगा हो गया, ऊपर से ये खतरा कि कहीं ये प्लास्टिक का तो नहीं। पढ़िए आगे की स्लाइड में आपके लिए अहम जानकारी है...
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egg
कैसे बनता है प्लास्टिक का अंडा
सोडियम अल्जिनेट को गर्म पानी में मिलाकर फिर इस मिश्रण में जलेटिन, ऐलम और बेन्जोइक मिलाया जाता है। अंडे के पीले और सफेद हिस्से दोनों को बनाने में यही मिश्रण इस्तेमाल होता है। पीले हिस्से के लिए मिश्रण में पीला रंग मिला दिया जाता है। अंडे का छिलका बनाने के लिए कैल्शियम क्लोराइड का इस्तेमाल किया जाता है।

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फ्रिज में अंडे रखना खतरनाक
नकली असली की तुलना में खुरदुरा होता है
नकली अंडे का छिलका थोड़ा सख्त होता है। यह असली अंडे की तुलना में थोड़ा खुरदुरा भी होता है। इसके अलावा छिलके के अंदर एक रबरनुमा लाइनिंग भी होती है। नकली अंडे को हल्के से थपथपाते हैं, तो आपको जो आवाज सुनाई देगी, वह असली अंडे की तुलना में थोड़ी कम करारी होगी।
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फ्रिज में अंडे रखना खतरनाक
नकली अंडे पक जाने पर भी पानी में नहीं डूबते
अगर आप नकली अंडा तोड़कर इसे कुछ समय के लिए छोड़ देते हैं, तो अंडे का सफेद और पीला द्रव्य कुछ समय में एक-दूसरे के साथ मिल जाएंगे। ऐसा इसलिए कि वे दोनों एक ही पदार्थ से बने होते हैं। नकली अंडे पक जाने पर भी पानी में नहीं डूबते हैं। खुले में भी छोड़ दें, तब भी इनमें ना तो मक्खियां लगेंगी और ना ही चीटिंया।
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अंडा - फोटो : अमर उजाला
नकली अंडे की जर्दी बिना छुए फैल जाएगी
जब आप नकली अंडे को तलते हैं, तो बिना छुए ही अंडे की जर्दी (पीला हिस्सा) फैल जाएगी। आमतौर पर जब आप असली अंडे को तलते हैं, तो इसका पीला हिस्सा पैन में डालने पर भी साबुत बना रहता है। इसे जब तक आप छुएं ना, तबतक यह फैलता नहीं है।
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egg - फोटो : getty images
स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक हैं
नकली अंडे स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक है। चूंकि प्लास्टिक पचता नहीं है, इस कारण इससे पेट से संबंधित बीमारियां व अन्य रोग उत्पन्न होते हैं तथा आदमी को बीमार कर सकता है। इनमें निर्माण में काफी कम खर्च होते हैं। एक नकली अंडे के निर्माण में एक रुपये से ज्यादा लागत नहीं आयेगी।
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अंडे और दूध - फोटो : getty images
कैंसर होने का खतरा होता है
आर्टिफिशियल अंडे का बाहरी खोल कैल्शियम कार्बोनेट से तैयार होता है। इसके अंदर सोडियम एलिग्नेट, एलम, जिलेटिन और कैल्शियम क्लोराइड भरकर तैयार किया जाता है। इस तरह के अंडों का लगातार सेवन करने से कैंसर जैसी घातक बीमारी की आशंका रहती है।
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