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योग दिवस पर चंडीगढ़ में पीएम मोदी ने कैसे किए आसन, देखिए 10 तस्वीरें

Wed, 22 Jun 2016 09:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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योग दिवस पर पीएम मोदी ने किए आसन - फोटो : amar ujala
चंडीगढ़ में दूसरे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पीएम मोदी ने  मंगलवार को लोगों के बीच योग किया। प्रधानमंत्री ने प्रोटोकॉल के अधिकतर आसन किए। इस दौरान उन्होंने प्रार्थना से योगाभ्यास शुरू किया। उसके बाद उन्होंने अर्धचक्रासन, त्रिकोणासन, भद्रासन, वज्रासन, अर्ध उष्ट्रासन, उष्ट्रासन, शशांकासन, उत्तानमंडूकासन, वक्रासन और भुजंगासन सहित दूसरे आसनों का अभ्यास किया। इसके अलावा ध्यान और संकल्प भी लिया।
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योग दिवस पर पीएम मोदी ने किए आसन - फोटो : amar ujala
कैपिटल कॉम्प्लेक्स के अलावा शहर के 100 अलग-अलग स्थानों पर पीएम को लाइव देखकर 10 हजार से ज्यादा लोगों ने योग किया। चंडीगढ़ में एक साथ इतने लोगों का योग करना अपने आप में रिकॉर्ड बन गया है। प्रधानमंत्री मोदी सुबह साढ़े 6 बजे कैपिटल कॉम्प्लेक्स पहुंचे। योगाभ्यास के बाद वह लोगों के बीच उनसे मिलने चले गए। करीब 6 मिनट तक लोग उनके साथ सेल्फी खिंचवाते रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योगासन तो किए ही, साथ में योग कर रहे लोगों के बीच जाकर उनके आसनों को भी देखा। दिव्यांग जवानों और बच्चों के साथ उन्होंने हाथ मिलाया और उनकी पीठ थपथपाई। 
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योग दिवस पर पीएम मोदी ने किए आसन - फोटो : amar ujala
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहां बैठकर योग करेंगे, इसको लेकर सब असमंजस में थे। अपने 21 मिनट का संबोधन खत्म करते ही वह स्टेज से नीचे उतरकर पब्लिक के बीच में आ गए। योग प्रोटोकॉल करते लोगों के बीच घूमकर निरीक्षण करने लगे। लोगों के बीच में उनके लिए 25 सीटें खाली छोड़ी गईं थीं। प्रोटोकॉल के दौरान वह इन सीटों पर जा-जाकर बैठते रहे। ध्यान लगाने के बाद जैसे ही प्रतिभागी आंखें खोलते तो पास में प्रधानमंत्री को बैठा देख आश्चर्यचकित रह जाते।

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योग दिवस पर पीएम मोदी ने किए आसन - फोटो : amar ujala
इससे पहले मौसम की परवाह न करते हुए 30 हजार 500 लोग कैपिटल कॉम्प्लेक्स में आयोजित कार्यक्रम में पीएम संग योग करने पहुंचे। इस मौके पर पीएम ने कहा कि जीरो बजट से दुनिया में कहीं भी हेल्थ इंश्योरेंस नहीं मिलता लेकिन योग यह इंश्योरेंस देता है। योग मजहबी नहीं है। यह अमीर-गरीब, विद्वान-अनपढ़ और धर्म-जाति का भेद नहीं है। जहां कहीं भी जगह मिल जाए, वहीं योग कर सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने 21 मिनट के संबोधन में सिर्फ योग की बात की। 
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योग दिवस पर पीएम मोदी ने किए आसन - फोटो : amar ujala
उन्होंने योग करने के साथ हर साल किसी एक विषय पर फोकस करने की अपील की। पीएम ने कहा कि अगले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस तक पूरे देश को डायबिटीज पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। योग की दुनिया के सभी लोगों की मदद से इस रोग से निपटने का प्रयास करेंगे। साल भर योग की बाकी चीजें तो चलेंगी ही लेकिन यह प्रमुख होगा। भारत में डायबिटीज रोगियों की संख्या बढ़ रही है। योग से इसे कंट्रोल जरूर किया जा सकता है। 
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योग दिवस पर पीएम मोदी ने किए आसन - फोटो : amar ujala
पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि विश्व में योग का सही रूप कैसे पहुंचे और उसकी जो शुद्धता है उसको बरकरार रखने की दिशा में क्या काम किए जाए। उस पर काम चल रहा है। क्वालिटी काउंसिल वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन केसाथ मिलकर काम करेगी। अभी तक योग की ट्रेनिंग कैसी हो, योग के ट्रेनर कैसे हों और उसके नार्म्स तय करने की दिशा में काम हो रहा था। अब भारत सरकार ने डब्ल्यूएचओ के साथ मिलकर पूरे विश्व में योग का प्रोटोकॉल क्या हो और इसके वैज्ञानिक तरीकों पर काम करना प्रारंभ किया है।
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योग दिवस पर पीएम मोदी ने किए आसन - फोटो : amar ujala
प्रधानमंत्री के मैट के चारों ओरएक-एक मैट खाली छोड़ा गया था। इतना ही नहीं उनके मैट का रंग भी लाल था। जबकि बाकी मैट गुलाबी रंग के थे। योग प्रोटोकॉल शुरू होने के बाद प्रधानमंत्री सबसे पहले दिव्यांग स्पेशल ग्रुप के पास पहुंचे। उन्होंने दिव्यांग सैनिकों और बच्चों के साथ हाथ मिलाया। कई दिव्यांग ने उनके पांव छुए तो उन्होंने आशीर्वाद देने में भी देर नहीं लगाई। दिव्यांगों से उनका कुशलक्षेम भी पूछा। पीएम ने कहा कि ब्राजील में एक धर्म योगी ने दावा किया था कि योग के 1008 आसन होते हैं। उन्होंने दृढ़ निश्चय कर 908 आसनों की मुद्राओं में फोटो तक करवाई हैं। वह योग को ही समर्पित थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के हर भू-भाग में आज योग प्रतिष्ठा का विषय बना है। महापुरुषों और ऋषि-मुनियों के योग विज्ञान की दीक्षा को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी भारतीयों की भी बनती है।

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योग दिवस पर पीएम मोदी ने किए आसन - फोटो : amar ujala
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत के अनुरोध पर गत वर्ष संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने को स्वीकृति दी। 21 जून की तारीख इसलिए पसंद की गई कि एक प्रकार से विश्व के बड़े हिस्से में 21 जून सबसे लंबा दिन होता है। मोदी ने कहा कि यूनाइटेड नेशंस में कई अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाए जाते हैं। लेकिन शायद ही कोई ऐसा दिवस होगा जो इस तरह से जन आंदोलन बना हो। विश्व के हर कोने में उसे समर्थन और स्वीकृति प्राप्त होती हो। एक साल में जिस दिवस ने इतनी ख्याति प्राप्त की हो वह अंतरराष्ट्रीय योग दिवस ही है। पूर्वजों ने योग के रूप में जो विरासत दी है, उसकी ताकत और पहचान को जन जन तक पहुंचाना जरूरी है।

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योग दिवस पर पीएम मोदी ने किए आसन - फोटो : amar ujala
कभी कभी लोगों को लगता है कि योग से क्या मिलेगा। जबकि विज्ञान रूपी योग लेने पाने के लिए है ही नहीं। व्यक्ति क्या छोड़ पाएगा, किन चीजों से मुक्त हो पाएगा, यही योग है। असल में योग मुक्ति का मार्ग है। योग परलोक के लिए नहीं है बल्कि इसी लोक के लिए है। मोदी ने कहा कि मन अस्थिर होता है और शरीर स्थिर होता है। मन को स्थिर और शरीर को गतिवान कैसे बनाना यह योग ही सिखाता है। व्यक्ति की मूलभूत प्रकृति में परिवर्तन लाने का काम योग करता है। उन्होंने लोगों से योग को मोबाइल की तरह जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
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योग दिवस पर पीएम मोदी ने किए आसन - फोटो : amar ujala
मोदी ने कहा कि आज योग विश्व में एक बहुत बड़ा आर्थिक कारोबार बनता जा रहा है। पूरे विश्व में एक बहुत बड़े प्रोफेशन के रूप में विकसित हो रहा है। योग के ट्रेनर की बहुत मांग बढ़ रही है। नौजवानों के लिए इस क्षेत्र में रोजगार के द्वार खुल रहे हैं। योग के ऊपर 24 घंटे प्रसारण वाले टीवी चैनल शुरू हो रहे हैं। कार्यक्रम संपन्न होते ही बूंदाबांदी शुरू हो गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शहर से निकलकर एयरपोर्ट तक ही पहुंचे होंगे कि बूंदाबांदी ने तेज बरसात का रूप ले लिया। योग का मजा लेने के बाद लोगों ने बरसात का भी जमकर लुत्फ उठाया। योग प्रोटोकॉल के बीच छाए घने बादलों ने अधिकारियों की सांसें अटका दीं। जैसे ही कार्यक्रम संपन्न हुआ सभी ने चैन की सांस ली।
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