चंडीगढ़ में लॉरेंस के करीबी इंदरप्रीत सिंह उर्फ पैरी हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। मुख्य आरोपी पीयूष पिपलानी मध्य मार्ग से पैरी की कार में बैठा था। टिंबर मार्केट पहुंचते ही कार को धीमी कराई और गोलियां बरसा दीं। आईजी-एसएसपी की पांच घंटे की पूछताछ में हत्या की साजिश, वारदात और फरारी का पूरा रूट बेनकाब हो गया।
चंडीगढ़ के सेक्टर-26 में इंदरप्रीत सिंह उर्फ पैरी हत्याकांड की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। आईजी पुष्पेंद्र कुमार और एसएसपी कंवरदीप कौर ने सेक्टर-26 थाने पहुंचकर सभी आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर करीब पांच घंटे तक पूछताछ की।
इस दौरान आरोपियों ने न सिर्फ हत्या की पूरी साजिश उगली बल्कि वारदात को अंजाम देने के तरीके और फरारी के रूट का भी खुलासा कर दिया। पूछताछ में सामने आया कि पूरी योजना बेहद शातिर तरीके से बनाई गई थी ताकि आखिरी वक्त तक पैरी को किसी खतरे का अंदेशा न हो।
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इंद्रप्रीत सिंह उर्फ पैरी की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक मुख्य आरोपी पीयूष पिपलानी सेक्टर-26 क्लब से पैरी के बाहर निकलते ही सेक्टर-26 मंडी चौक के पास मध्य मार्ग पर खड़ी क्रेटा कार से उतरकर सीधे पैरी की कार में बैठ गया था।
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पैरी की हत्या के बाद मौके पर एसपी, आईजी एवं अन्य अधिकारी, जांच करती चंडीगढ़ पुलिस की फॉरेंसिक टीम
- फोटो : अजय वर्मा
पैरी को यह जानकारी थी कि पीयूष अपने साथियों के साथ क्रेटा में आया है। उस समय पीयूष पिपलानी की कार अमृतसर का कुंवरबीर चला रहा था। भरोसा कायम रखने के लिए पीयूष ने पैरी की कार में बैठते ही सामान्य बातचीत शुरू कर दी ताकि किसी तरह का शक न हो।
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पैरी की हत्या के बाद मौके पर एसपी, आईजी एवं अन्य अधिकारी, जांच करती चंडीगढ़ पुलिस की फॉरेंसिक टीम
- फोटो : अजय वर्मा
टिंबर मार्केट पहुंचते ही किया गोलियों से छलनी
जैसे ही कार टिंबर मार्केट की ओर बढ़ी, पीयूष ने मोबाइल पर किसी से बात करवाने का बहाना बनाया और कार धीमी करने को कहा। कार के रुकते ही उसने अचानक पैरी पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। पूछताछ में पीयूष ने कबूल किया कि फोन पर किसी से बात नहीं हो रही थी बल्कि यह पूरी तरह से वारदात को अंजाम देने का बहाना था।
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पैरी की हत्या के बाद मौके पर एसपी, आईजी एवं अन्य अधिकारी, जांच करती चंडीगढ़ पुलिस की फॉरेंसिक टीम
- फोटो : अजय वर्मा
गोलीबारी के बाद आरोपी तुरंत भाग निकले। एसएसपी कंवरदीप कौर के नेतृत्व में जिला क्राइम सेल ने वारदात के बाद तेजी से कार्रवाई करते हुए कार की व्यवस्था करने और आरोपियों को पनाह देने वाले खरड़ और लुधियाना के राहुल व सन्नी को गिरफ्तार किया था। वहीं, अन्य आरोपी बाद में दिल्ली से दबोचे गए।
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पैरी की हत्या के बाद मौके पर एसपी, आईजी एवं अन्य अधिकारी, जांच करती चंडीगढ़ पुलिस की फॉरेंसिक टीम
- फोटो : अजय वर्मा
पहले सेक्टर-10 में मिलने का था प्लान
पूछताछ में यह भी सामने आया कि शुरुआत में पैरी को सेक्टर-10 में मिलने के लिए बुलाने की योजना थी लेकिन ऐन वक्त पर इसे बदलकर सेक्टर-26 कर दिया गया। पीयूष पिछले कुछ दिनों से लगातार पैरी से संपर्क में था और उसका भरोसा जीत रहा था।
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पैरी की हत्या के बाद मौके पर एसपी, आईजी एवं अन्य अधिकारी, जांच करती चंडीगढ़ पुलिस की फॉरेंसिक टीम
- फोटो : अजय वर्मा
दोनों के बीच संपर्क लॉरेंस बिश्नोई गैंग के एक करीबी सहयोगी के जरिये कराया गया था। हालांकि, पीयूष का सीधे तौर पर लॉरेंस बिश्नोई, हरी बॉक्सर या आरजू बिश्नोई से संपर्क नहीं था। पुलिस ने उस व्यक्ति की पहचान कर ली है जो आरोपियों को निर्देश दे रहा था और उसे केस में नामजद कर लिया गया है।
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पैरी की हत्या के बाद मौके पर एसपी, आईजी एवं अन्य अधिकारी, जांच करती चंडीगढ़ पुलिस की फॉरेंसिक टीम
- फोटो : अजय वर्मा
पंचकूला से दिल्ली तक भागने का रूट
पूछताछ में खुलासा हुआ कि सभी आरोपी लुधियाना से चंडीगढ़ पहुंचे थे। वारदात के बाद वे पंचकूला में अलग-अलग हो गए ताकि पुलिस को भ्रमित किया जा सके। इसके बाद सभी हरियाणा में दोबारा जुटे और बस के जरिये दिल्ली पहुंचे। कुछ दिन बाद दिल्ली स्पेशल सेल ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
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पैरी की हत्या के बाद मौके पर एसपी, आईजी एवं अन्य अधिकारी, जांच करती चंडीगढ़ पुलिस की फॉरेंसिक टीम
- फोटो : अजय वर्मा
अंकुश को भी लाएगी पुलिस
पंचकूला निवासी पीयूष पिपलानी, अमृतसर के कुंवरबीर , फरीदकोट के गोपाल और शिवम इस समय सात दिन के पुलिस रिमांड पर हैं। पुलिस चारों को प्रोडक्शन वारंट पर चंडीगढ़ लाई है। जल्द ही तिहाड़ जेल में बंद दूसरे मुख्य शूटर अंकुश को भी प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की जाएगी।
पैरी की हत्या के बाद मौके पर एसपी, आईजी एवं अन्य अधिकारी, जांच करती चंडीगढ़ पुलिस की फॉरेंसिक टीम
- फोटो : अजय वर्मा
हथियार और मददगारों की जांच तेज
आरोपियों से हथियारों की व्यवस्था, वारदात के बाद वाहन बदलने और किन-किन स्तरों पर मदद मिली, इसे लेकर अहम जानकारियां मिली हैं। पुलिस बताए गए रूट की सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों से पुष्टि कर रही है। साथ ही यह भी जांच जारी है कि क्या किसी स्थानीय व्यक्ति ने इस हत्याकांड में आरोपियों की मदद की थी। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।