हर माह हाजिरी लगानी पड़ती तो उन्होंने तत्काल इसकी अवधि एक साल कर दी थी। कीमती भगत बताते हैं कि वह करीब 20 बार इस कार्य के लिए दिल्ली गए और गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय तक गुहार लगाई। अब जाकर खुशी महसूस हो रही है और ऐसा लग रहा है कि केंद्र सरकार ने सुन ली है। अब कम से कम इन लोगों को यह सुकून तो है कि वह भारत के नागरिक बन जाएंगे।
मेरा तो पूरा परिवार मुस्लिम बना डाला
बनारसी दास की कहानी काफी दर्दनाक है। बानरसी दास बताते हैं कि वह निक्कू दे कोठे इलाके में रहते थे। उनकी पत्नी शानो, बहन शाली के अलावा बेटे, अशोका व बिट्टू थे। वहां पर अल्पसंख्यकों पर काफी जुल्म हो रहे थे। मैं वीजा लगवाकर भारत आ गया। आगे यहां पर कुछ कामधंधा सेट कर पत्नी व बाकी परिवार को बुलाना था लेकिन वहां पर पता चल गया कि सारा परिवार इंडिया जाने वाला है तो वहां के लोगों ने पासपोर्ट छीन लिया।
परिवार को लूट लिया और उनका धर्म परिवर्तन करवा दिया। कुछ समय पहले मेरे पहचान के लोग पाक गए थे, जिन्होंने बताया कि मेरा पूरा परिवार धर्म बदल चुका है। मुझे आज तक भारत की नागरिकता नहीं मिली है। अब केंद्र सरकार ने बिल पास कर दिया है। मुझे सुकून मिला है कम से कम मैं अब हिंदुस्तान का नागरिक बन जाऊंगा।