फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पानीपत में भी फिल्म 'पानीपत' का विरोध, मल्टीप्लेक्स से उतारी गई फिल्म, बुकिंग भी बंद

Wed, 11 Dec 2019 08:42 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पानीपत (हरियाणा)
विज्ञापन
पानीपत में भी फिल्म का विरोध। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

फिल्म 'पानीपत' को आखिर विरोध के चलते पानीपत के मल्टीप्लेक्स से बुधवार को हटाना पड़ा। युवाओं ने मित्तल मेगा मॉल, एलिवेटेड पुल के नीचे एसडी कॉलेज के सामने, लघुसचिवालय में फिल्म के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। जिसके बाद फन सिनेमा और पीवीआर ने विरोध के बाद अपने सभी शो बंद कर दिए।

विज्ञापन


जाट समाज का आरोप है कि फिल्म में महाराजा सूरजमल के किरदार को गलत तरह से प्रस्तुत किया गया है। जिस पर बुधवार को जाट समाज का गुस्सा फूट पड़ा। मित्तल मेगा मॉल पर जाट समाज के युवाओं ने प्रदर्शन किया और फिल्म को रोकने की चेतावनी दी, जिसके बाद मल्टीप्लेक्स को फिल्म अपनी सभी स्क्रीन से हटानी पड़ी। स्थिति सामान्य नहीं होने तक सभी शो बंद कर दिए गए हैं। जाट समाज ने प्रदर्शन के बाद उपायुक्त से फिल्म हटाने की मांग की

मित्तल मेगा मॉल पर प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे रवींद्र मिन्ना और बलराज सिंह देसवाल ने फिल्मकार पर आरोप लगाया कि फिल्म बनाने से पहले रिसर्च की ही नहीं गई। यहां तक कि भरतपुर राजवंश को लेकर विश्वास में नहीं लिया। फिल्म में महाराजा सूरजमल के चरित्र को एक लालची के स्वरूप में प्रसारित किया गया है। 

विज्ञापन

फिल्म निर्देशक ने महाराजा सूरजमल के बलिदान, त्याग और वीरता को दर्शाया ही नहीं। जाट समाज की भावनाओं का ख्याल नहीं रखा। इसके साथ ही अन्य जगहों पर भी विरोध किया गया। महाराजा सूरजमल अमर रहे के नारे लगाए। इस अवसर पर राजेश बांगरु, संदीप मलिक, विनोद मलिक, रिंकू, विक्की, गोपाल, कृष्ण, चिनू, धीरज समेत अन्य युवा मौजूद रहे। इसके साथ ही उपायुक्त को फिल्म बंद कराने के लिए ज्ञापन सौंपा। 

ऑनलाइन और ऑफलाइन बुकिंग बंद 
सुबह 11:35 बजे के शो में हंगामा हुआ, जिसके बाद शो की ऑनलाइन और ऑफलाइन बुकिंग बंद कर दी गई है। फन सिनेमा के मैनेजर निशांत ने बताया कि सभी शो विरोध के चलते बंद कर दिए गए हैं। शो फिर से बहाल होने पर उनका कहना था कि जब तक कि विवाद शांत नहीं होता फिल्म पानीपत का प्रदर्शन नहीं होगा। उधर, पीवीआर मल्टीप्लेक्स से संपर्क किया गया, उन्होंने बताया कि सभी शो बंद कर दिए गए हैं। 

इतिहास को लेकर प्रदर्शनकारियों ने रखा पक्ष
रवींद्र मिन्ना ने फिल्मकारों की ओर से इतिहास में छेड़छाड़ किए जाने का दावा किया। उन्होंने बताया कि मराठा सेना और सेनापति सदाशिव ने महाराजा सूरजमल के साथ समझौता तोड़ा। महाराजा सूरजमल की कूटनीति के अनुसार कार्य करते तो अब्दाली युद्ध ही नहीं कर सकता था। जिस तरह महाराजा सूरजमल हमारे पूर्वज हैं ठीक उसी तरह से मराठा भी हमारे पूर्वज हैं, लेकिन यह भी कड़वा सच है कि मराठा सेनापति सदाशिव भाऊ को उत्तर भारत की जानकारी नहीं थी। 

वह यहां की वस्तुस्थिति से पूरी तरह से अनभिज्ञ थे। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में युद्ध के दौरान सूखा पड़ा था। मराठा सेना के पास भोजन नहीं था और दक्षिण भारतीय मराठा सेना भीषण ठंड में परेशान थी। ऐसे हालात में भी मराठा सेनापति भाऊ ने युद्ध करने का निर्णय लिया था। जबकि महाराजा सूरजमल ने लगातार समझाने की कोशिश की युद्ध को अप्रैल के बाद लड़ा जाना चाहिए, जबकि अब्दाली की सेना ठंड में रहने की आदी थी। 

उन्होंने कहा कि जाट समाज मराठा सेनापति सदाशिवराव के बलिदान का पूरी तरह से सम्मान करता है फिर भी फिल्म निर्माता को सच्चाई से अवगत कराना चाहिए था। युद्ध के बाद महाराजा भरतपुर ने मराठा सेना के घायल सरदारों, सैनिकों और उनकी महिलाओं को अपने राज्य में शरण दी। उनका उपचार कराया और उन्हें महाराष्ट्र तक भेजा। महाराजा सूरजमल ने मराठा सेना की आर्थिक तौर पर सहायता भी की। 

हरियाणा में 'पानीपत' पर थम नहीं रही सियासी जंग

हरियाणा में पानीपत फिल्म पर सियासी जंग जारी है। नेताओं के साथ ही इसमें खाप और सामाजिक संगठन भी कूद पड़े हैं। कंडेला खाप और अनेक सामाजिक संगठनों ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से प्रसारण रोकने की मांग की है। डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला और बिजली मंत्री रणजीत चौटाला भी इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करने के खिलाफ हैं। 

रणजीत चौटाला ने कहा है कि उन्होंने फिल्म नहीं देखी, लेकिन मराठा लीडर माधव राम सिंधिया ने कहा था, मराठा जब पानीपत में घिर गए थे तो जाटों ने उनकी महिलाओं को घेरे में सुरक्षित वापस छोड़ा था और मराठों की जाटों ने काफी मदद की थी। जाटों के साथ मराठाओं का पुराना संबंध है। जाटों ने हमेशा ही विदेशी आक्रमणकारियों से मुकाबला किया है, ज्यादातर युद्ध पानीपत में ही हुए। पुराने समय से लेकर अब तक सेना में जाट और हरियाणा के वीर देश की रक्षा कर रहे हैं। 
विज्ञापन

कंडेला खाप के प्रधान, सर्व जातीय खाप पंचायतों के राष्ट्रीय संयोजक व हरियाणा राज्य सहकारी श्रम व निर्माण प्रसंध के चेयरमैन टेकराम कंडेला ने ‘पानीपत‘ फिल्म के प्रसारण पर रोक लगाने की केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री से मांग की है।

उन्होंने कहा कि फिल्म में महाराजा सूरजमल के चरित्र को तोड़-मरोड़ कर दर्शाया गया है जबकि महाराजा सूरजमल महान योद्धा व चरित्र के धनी थे। उनके चरित्र से किसी भी समाज के वर्ग को नुकसान नहीं हुआ। उन्होंने हमेशा प्रत्येक वर्ग के बारे में सोचा। इसके लिए उनको आज भी लोगों द्वारा पूजा जाता है।

इतिहास से छेड़छाड़ नहीं होना चाहिए: दुष्यंत
डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि इतिहास के साथ छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। महाराजा सूरजमल का समृद्ध इतिहास है।

सही समय पर उचित कदम उठाएंगे: विज
गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि लगातार जाट समुदाय फिल्म पर रोक की मांग कर रहा है। सरकार की पूरी स्थिति पर नजर है, सही समय पर उचित कदम उठाया जाएगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें