पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले के बाद NIA की पूछताछ में एसपी सलविंदर ने असली सच उगल दिया है। देखिए, क्या बोले वे?
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NIA की पूछताछ में उगला एसपी सलविंदर ने असली सच
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एनआईए से मिले सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान एसपी ने माना कि उसके नशा तस्करों के साथ संबंध थे। उसने हमले के दिन आतंकवादियों को नशा तस्कर समझकर ही उनकी सहायता की थी। सीमा पार कर ड्रग तस्करी करने वाले तस्करों की सहायता करने के बदले उसे नगद राशि, जेवरात और हीरे दिए जाते थे। हीरों की पहचान के लिए वह दोस्त राजेश वर्मा को साथ रखता था। इसमें से एसपी राजेश को भी थोड़ा हिस्सा दे देता था।
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सूत्रों के अनुसार एनआईए ने एसपी की ओर से बीते एक साल में इस्तेमाल किए चार मोबाइल सिम कार्ड निकलवा लिए हैं। उनकी काल डिटेल खंगाली जा रही है। वहीं एनआईए की ओर से पूछताछ के दौरान एसपी बार-बार अपना बयान बदल रहा है। एसपी सलविंदर सिंह दो तीन माह बाद अपना मोबाइल नंबर बदल लेता था। इसके चलते अब तक बीते एक वर्ष के दौरान उसने चार सिम बदले हैं।
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एनआईए अब एसपी के खुलासों के बाद उसके दोस्त राजेश वर्मा से भी जल्द पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के अनुसार एनआईए की ओर से की जा रही पूछताछ के दौरान एसपी ने एक पूर्व अकाली मंत्री का नाम भी लिया है। इसके चलते एनआईए पूर्व मंत्री के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाने में लगी हुई है। इसके बाद उस अकाली मंत्री को भी एनआईए हिरासत में लेकर पूछताछ करेगी।
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गौर हो कि एसपी सलविंदर सिंह, उसके दोस्त राजेश वर्मा और उसका नौकर पठानकोट हमले के चश्मदीद गवाह हैं। क्योंकि उस दिन आतंकवादियों ने एसपी को गाड़ी समेत अगवा कर लिया था। इसके बाद एसपी और उसका दोस्त खुफिया व अन्य जांच एजेंसियों के सामने बार-बार अपने बयान बदल रहे थे। इसके बाद इस पूरे हमले की जांच एनआईए ने करनी शुरू कर दी थी।
पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी सलविंदर से पांच दिन हुई पूछताछ के बाद सलविंदर का लाई-डिटेक्टर टेस्ट करवाया गया। पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले के जांच के संबंध में सिंह को इस टेस्ट से गुजरना पड़ा। मालूम हो कि पठानकोट हमले की जांच एनआईए कर रही है। वर्तमान में सिंह 75वें पंजाब आर्म्ड पुलिस के असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर हैं। इससे पहले वह गुरदासपुर के पुलिस अधीक्षक थे।