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सतलुज दरिया कैसे बना आतंकियों का मददगार?

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सरहद की सुरक्षा व्यवस्था में सतलुज दरिया बहुत बड़ी बाधा है। इसी की रास्ते पाकिस्तानी आतंकी और तस्कर बीएसएफ को चकमा देकर घुसपैठ करते हैं। देखिए, कैसे? -रिपोर्ट: अनिल कुमार/फिरोजपुर।
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सतलुज दरिया कैसे बना आतंकियों का मददगार?

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सतलुज दरिया कई जगह भारत से पाकिस्तान में प्रवेश करता है, लेकिन वहां फेंसिंग नहीं है। दरिया का बहुत बड़ा हिस्सा पाकिस्तान से होकर भारत में भी प्रवेश करता है और वहां पर सरकंडों के घने जंगल हैं। यही वो रास्ते हैं जहां से आतंकी और तस्कर बीएसएफ को चकमा देकर घुसपैठ करने में कामयाब हो जाते हैं। सरहद और दरिया के साथ ही गांव बसे हैं, जिनके कई लोग तस्करों के साथी हैं।
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सतलुज दरिया कैसे बना आतंकियों का मददगार?

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भारत-पाकिस्तान की सीमा पर जहां से सतलुज दरिया पाकिस्तान से भारत में प्रवेश करता है, वहां पर बीएसएफ के लिए रुटीन चौकसी बेहद मुश्किल है। हरीके पत्तन (हरीके हेड) से लेकर फाजिल्का तक दरिया लगभग सात बार पाकिस्तान में प्रवेश कर भारत की सीमा में आता है। हुसैनीवाला बॉर्डर के पास बीएसएफ की पोस्ट सम्मेके के पास पाकिस्तान की तरफ से दरिया भारत में प्रवेश करता है।

सतलुज दरिया कैसे बना आतंकियों का मददगार?

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यह इलाका काफी बड़ा है और यहां सरकंडों का घना जंगल है। इसके अलावा हुसैनीवाला सेक्टर में ही एक और जगह से दरिया पाकिस्तान से भारत में प्रवेश करता है। यहां भी सरकंडों का जंगल है। गांव मुठियां वाला, हुसैनीवाला, ममदोट और फाजिल्का की तरफ से भी दरिया पाकिस्तान से होकर भारत में प्रवेश करता है। पाकिस्तान में बैठे तस्करों को भी ये सभी रास्ते मालूम हैं।
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सतलुज दरिया कैसे बना आतंकियों का मददगार?

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कई बार इन्हीं रास्तों के जरिए तस्कर हेरोइन की तस्करी कर चुके हैं। कई बार सरहद पार कर पाकिस्तानी नागरिक घुसपैठ कर फिरोजपुर के छावनी रेलवे स्टेशन पहुंच चुके हैं जबकि आईएसआई के एजेंट, आतंकी और तस्करों के लिए सरहद पार करना कोई मुश्किल नहीं है।
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सतलुज दरिया कैसे बना आतंकियों का मददगार?

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बीएसएफ ने पिछले साल सरहद से 17 पिस्तौल, 24 मैग्जीन, 286 कारतूस, 344.308 किलो हेरोइन, 11 लाख पचास हजार की नकली भारतीय करेंसी, 28 पाकिस्तानी सिम पकड़े। इस दौरान कार्रवाई में छह पाकिस्तानी तस्कर मारे गए और पाकिस्तान से घुसपैठ करते हुए 20 लोग पकड़े गए हैं।
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इसके अलावा कुछ साल पहले दो ऐसी घटनाएं हो चुकी है जब हुसैनीवाला बॉर्डर के पास से दो पाकिस्तानी नागरिक सरहद पार कर छावनी रेलवे स्टेशन पहुंच गए थे। एक टी-स्टाल वाले की सूचना पर आरपीएफ ने उन्हें काबू किया। दूसरी घटना में चार लोग सीमा पार फिरोजपुर छावनी रेलवे स्टेशन पहुंच गए। एक पकड़ा गया था, तीन फरार हो गए, जिनका अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।
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