पहले ट्यूमर से जीतीं, फिर ओलंपिक में इतिहास रचकर देश का नाम रोशन किया। अब इन्हें पद्मश्री अवार्ड से नवाजा जाएगा।
विज्ञापन
2 of 8
एथलीट दीपा मलिक
ओलंपिक व पैरालंपिक में देश को मेडल दिलाकर इतिहास रचने वाली बेटियों दीपा मलिक व साक्षी मलिक को सरकार ने पद्मश्री से सम्मानित करने की घोषणा की तो उनकी भी पदक जीतने की खुशी फिर से कई गुना बढ़ गई।
विज्ञापन
3 of 8
deepa malik
- फोटो : कुमार संजय/अमर उजाला
पैरालंपिक की रजत पदक विजेता दीपा मलिक के लिए यह सम्मान ज्यादा अहम दिख रहा है, क्योंकि जिस तरह से दीपा ने हिम्मत दिखाकर खेल को अपनी जिंदगी बनाया और पदक जीता है। शायद ही ऐसा कोई कर सके, क्योंकि रीढ़ की हड्डी में ट्यूमर होने के बाद दीपा ने कुछ करने का जज्बा जगाया और देश के लिए पदक जीत लिया।
4 of 8
दीपा मलिक
- फोटो : अमर उजाला
सोनीपत के भैंसवाल गांव की रहने वाली दीपा मलिक को 1999 में रीढ़ में ट्यूमर हुआ तो उसके बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। ऑपरेशन कराने के बाद खेलना शुरू किया और 2009 में पहला पदक जीतकर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
विज्ञापन
5 of 8
दीपा मलिक
- फोटो : facebook
दीपा मलिक ने नेशनल व इंटरनेशनल में 50 से ज्यादा गोल्ड मेडल जीते हुए है जो उनकी एक बड़ी उपलब्धि है। दीपा मलिक का कहना है कि इंसान को जिंदगी में कभी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए, जिसके बाद वह ऊंचाइयां छूता चला जाएगा और उसे सम्मान भी खूब मिलेगा।
विज्ञापन
6 of 8
दीपा मलिक
- फोटो : getty
वह कहती है कि मेहनत और हौसला ही इंसान को आगे बढ़ाता है और वह खुद भी हिम्मत हार जाती तो शायद इतना सम्मान नहीं मिलता। वहीं रोहतक की साक्षी मलिक भी पद्मश्री मिलने का पता चलने के बाद से काफी उत्साहित हैं। साक्षी कहती हैं कि जितनी खुशी उनको ओलंपिक में मेडल जीतने पर हुई थी। उतनी ही खुशी सरकार के पद्मश्री देने पर हो रही है।
विज्ञापन
7 of 8
दीपा मलिक
- फोटो : getty
दीपा मलिक की उपलब्धि
-2011 में वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रजत पदक
-2011 में शाहजहां में वर्ल्ड गेम्स में दो कांस्य पदक जीते।
- 2012 में मलेशिया ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में जेवलिन व डिस्कस थ्रो में स्वर्ण पदक जीते।
-2014 में चाइना ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शॉटपुट में स्वर्ण पदक जीता...
दीपा मलिक की उपलब्धि
-2014 में इंच्योन एशियन पैरा गेम्स में रजत पदक जीतकर इतिहास रचा।
-2016 में दुबई में ओसिएनिया एशियन चैंपियनशिप में जेवलिन थ्रो में स्वर्ण व शॉटपुट में कांस्य पदक जीता।
-2016 में ब्राजील में पैरालंपिक में रजत पदक जीतकर इतिहास रचा।