पाकिस्तान का एक सच सामने आया है। बालाकोट में एयर स्ट्राइक के बाद दुश्मन देश के विमानों ने भारतीय सेना के ठिकानों पर मिसाइलें दागी थीं। पूरा मामला जानने के लिए खबर पढ़ें।
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भारतीय सेना
- फोटो : फाइल फोटो
26 फरवरी को पाक अधिकृत कश्मीर में बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े ट्रेनिंग कैंप को इंडियन एयरफोर्स द्वारा नेस्तनाबूद कर दिया गया था। इसके बाद पाकिस्तान पूरी तरह बौखला गया था। इसके बाद पाकिस्तान एयरफोर्स के विमानों ने एलओसी पर भारतीय सेना के ठिकानों को मिसाइलों से निशाना बनाया था। यह खुलासा सोमवार को इंडियन एयरफोर्स की ओर से जारी एक रिपोर्ट में किया गया है।
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पाकिस्तान के विमान एलओसी की ओर आए और उन्होंने भारतीय सीमा में घुसने का प्रयास करते हुए एलओसी पर तैनात इंडियन आर्मी के फॉर्मेशन कंपाउंड और अन्य सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। पाक विमानों ने उन पर कई ‘एडवांस मीडियम रेंज एयर टू एयर मिसाइल’ (एएमआरएएएम) दागनी शुरू की। लेकिन इससे कोई नुकसान नहीं हुआ।
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- फोटो : फाइल फोटो
एयरफोर्स की रिपोर्ट के अनुसार, पाक विमानों को एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (एडब्ल्यूएसीएस), मैदानी राडार और विमानों के इलेक्ट्रॉनिक सिग्नेचर से पकड़ लिया गया था। इसके बाद इंडियन एयरफोर्स के सुखोई 30 एमकेआई, मिराज 2000 और मिग 21 बिसन फाइटर एयरक्राफ्ट पाक विमानों को जवाब देने के लिए एक्शन में आए।
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- फोटो : फाइल फोटो
इसी कार्रवाई के तहत मिग 21 बाइसन ने पाकिस्तान के एफ-16 को शूट डाउन कर दिया था। मिग-21 बाइसन को विंग कमांडर अभिनंदन उड़ा रहे थे, लेकिन पाक की जवाबी कार्रवाई में वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया था और विंग कमांडर अभिनंदन पैराशूट के जरिए एलओसी पार उतर गए। उन्हें पाक सेना ने गिरफ्त में ले लिया था। उसके बाद भारत के दबाव के चलते पाकिस्तान को विंग कमांडर अभिनंदन को सकुशल वापस सौंपना पड़ा था।
एयरफोर्स ने अपनी रिपोर्ट में फिर प्रमाणों के साथ इस दावे को पुख्ता किया है कि एफ-16 विमान को भारतीय विमानों ने गिराया है। एफ-16 का पॉयलट भी पैराशूट के जरिए पीओके में ही गिरा था। मिग-21 और एफ-16 दोनों विमानों के पॉयलट एलओसी में झांगर सेक्टर (अंडर नौशेरा बिग्रेड) के आसपास गिरे थे। पहला सब्जकोट एरिया के पश्चिम और दूसरा कुछ ही मिनट बाद तंडार एरिया के साउथ वेस्ट पर देखा गया था। दोनों क्षेत्रों की दूरी आठ से दस किलोमीटर है।