पाकिस्तान की सेना ने एक बार फिर भारतीय जवानों के शवों के साथ बर्बरता की है। एलओसी पर पाकिस्तान की ओर से की गई फायरिंग और रॉकेट हमले में दो जवानों की मौत हो गई थी और तीसरा सैनिक बुरी तरह घायल हो गया।
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जवानों के शव के साथ बर्बरता
सेना की ओर से बताया गया है कि जवानों की एक टीम दो चौकियों के बीच पेट्रोलिंग पर थी। इसी दौरान पाक सेना की ओर दागे गए रॉकेट और फायरिंग में दो जवानों की मौत हो गई। पाक सैनिकों ने दोनों के शवों को पूरी तरह क्षत-विक्षत कर दिया। इन दोनों सैनिकों के नाम हैं- नायब सूबेदार परमजीत सिंह और हेड कांस्टेबल प्रेम सागर, घायल जवान का नाम राजिंदर कुमार है।
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जवानों के शव के साथ बर्बरता
सूबेदार परमजीत सिंह पंजाब के तरनतारन के निवासी है। जवान की सहादत के बाद परमजीत के गंव में मातम का माहौल है। परमजीत अपने पीछे दो बेटियां छोड़ गए है।
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जवानों के शव के साथ बर्बरता
परिजनों का कहना है कि उन्हे परमजीत की शहादत पर नाज है लेकिन दुख की बात है कि सरकार इस मामले में ठोस कदम नहीं उठा रही है। शहीद के भाई रंजीत सिंह का कहना है कि भारतीय सेना को छूट मिलनी चाहिए जिससे वह अपने तरीके से आतंकवादियों से निपट सके।
सेना ने बताया कि कृष्णा घाटी सेक्टर में पाकिस्तानी सेना द्वारा बार-बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया जा रहा है। इस साल संघर्ष विराम उल्लंघन की इस क्षेत्र में यह पांचवीं घटना है। जबकि इन चार महीनों में कश्मीर में कुल 65 ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। ज्यादातर मामलेनौसेरा सेक्टर में हुए हैं। संघर्ष विराम उल्लंघन के मामलों में अब तक सेना के तीन और बीएसएफ के दो जवान शहीद हुए हैं।