इस वाक्या के बाद पड़ोसी की जरूरत क्या होती है आप सभी को बखूबी समझ आ जाएगा। देखिए इस वृद्धा के लिए पड़ोसी कैसे भगवान बन गए?
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चार दिन से भूखी वृद्धा को पड़ोसियों ने संभाला
मामला पंजाब के पठानकोट का है, जहां मीरपुर कॉलोनी के एक परिवार के सभी सदस्यों को यूपी पुलिस चोरी के आरोप में उठा ले गई, लेकिन गिरफ्तारी के वक्त परिजन जाते-जाते घर में ताले लगा गए। इससे बुजुर्ग महिला घर में ही कैद हो गई। चार दिन से कैद वृद्धा को खाने के लाले पड़ गए। अब पड़ोसी घर की दीवार पर चढ़कर उसे भोजन दे रहे हैं।
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चार दिन से भूखी वृद्धा को पड़ोसियों ने संभाला
कॉलोनी के लोग चाहते हैं कि बुजुर्ग महिला को प्रशासन वृद्धाश्रम भेजे ताकि उसकी गुजर हो सके। हालांकि अभी तक मामले में प्रशासन खामोश है। पार्षद राजू महाजन व कॉलोनी के लोगों की मानें तो बुजुर्ग महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ है। घर की रसोई और कमरों में ताला लगा होने के कारण उसके पास खाने तक को कुछ नहीं है।
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चार दिन से भूखी वृद्धा को पड़ोसियों ने संभाला
स्थानीय पुलिस को नहीं थी जानकारी
थाना डिविजन नं 2 के प्रभारी भारत भूषण ने बताया कि उन्हें घर में कैद बुजुर्ग महिला के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। अब कालोनी के लोगों ने इसकी सूचना उन्हें दी है। वह जल्द पुलिस मुलाजिमों को मौके पर भेजकर असलियत जानने की कोशिश करेंगे।
बेटा-बहू, दो दामाद और दो बेटियां चोरी के आरोपी
मूल रूप से उत्तरप्रदेश का निवासी परिवार लगभग पांच साल से मीरपुर कालोनी में रह रहा है। परिवार में एक बुजुर्ग दंपति अपने बेटे-बहू, दो बेटियों और दो दामादों के साथ रहता है। करीब चार दिन पहले मथुरा(यूपी) की पुलिस मीरपुर कॉलोनी पहुंची और परिवार के छह सदस्यों को गिरफ्तार कर ले गई। गिरफ्तार किए गए लोगों में परिवार के बेटे-बहू समेत दो बेटियां और दो दामाद शामिल हैं। बुजुर्ग महिला का पति जयवीर भी पुलिस के साथ ही यूपी चला गया, लेकिन जाते समय परिवार के सदस्यों ने घर के कमरों और मुख्य दरवाजे पर ताला जड़ दिया। इससे बुजुर्ग महिला अपने ही घर में कैद हो गई।