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देखिए हॉकी चैम्पियन इन तीन भाइयों को, दास्तां चौंका देगी

Thu, 10 Sep 2015 07:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अंबाला कैंट
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हॉकी के इन चैम्पियन तीन भाइयो को देखिए। इनकी दर्दभरी दास्तां खेलों के तीमारदारों के मुंह पर एक तमाचा है। तस्वीरों में पढ़िए कहानी। रिपोर्टः मोहित धूपड़, अंबाला कैंट
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ये तीनों भाई हरियाणा में अंबाला कैंट के रहने वाले हैं। इन्होंने अपनी जिंदगी के कई साल हॉकी को दिए। जिला स्तर से लेकर नेशनल स्तर तक हॉकी में बुलंदी को छुआ। एक चैंपियन की तरह खेलते हुए कई मेडल और खिताब जीते। स्पोर्ट्स कोटे तहत रेलवे व अन्य महकमों में नौकरी का आवेदन भी किया, लेकिन ठोस सिफारिश न होने की वजह से तीनों को नौकरी नहीं दी गई।
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आज ये तीनों परिवार का पालन पोषण करने के लिए अपने-अपने तरीके से रोजगार का साधन ढूंढ लिया। इन तीनों हॉकी चैंपियन भाइयों में से सबसे छोटा भाई तारा सिंह रेलवे स्टेशन पर कुली बन गया है। जबकि मंझला भाई तलविंद्र सिंह और सबसे बड़ा भाई बजिंद्र आज ऑटो रिक्शा चलाते हैं, लेकिन इनके दिलों में एक टीस बाकी है।

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तीनों का कहना है कि असल जिंदगी में सरकारी सिस्टम ने उन्हें हरा दिया, लेकिन उन्होंने अभी भी हार नहीं मानी है। तीनों भाई आज भी शाम को फरुखा खालसा के हॉकी मैदान में स्कूल की प्राइवेट कोचिंग में हॉकी को पूरा समय देते हैं। इतना ही नहीं तलविंद्र ने अपने 12 साल के बेटे प्रीत सिंह मोंटी और बजिंद्र सिंह ने अपने 13 साल के बेटे गगनदीप सिंह के हाथ में भी हॉकी स्टीक पकड़ा दी है।
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तीनों भाई मैदान में दूसरे बच्चों के साथ-साथ अपने बच्चों को भी हॉकी का धुरंधर बनाने के जुनून में जुट चुके हैं। तीनों का कहना है कि सरकार भी हॉकी की ओर ध्यान नहीं दे रही है। जिसका उदाहरण है कि जिस शहर से खेल मंत्री हैं, वहीं हॉकी का कोई कोच ही खेल विभाग के पास नहीं है।
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तारा सिंह सरकारी तंत्र पर सवाल खड़ा करते हुए कहते हैं कि सालों हॉकी खेलकर मुझे नौकरी नहीं मिली, आज कुलीगिरी कर रहा हूं, मैने ये मान लिया कि शायद मेरी किस्मत खराब थी। लेकिन मेरे दोनों भाइयों बजिंद्र और तलविंद्र को भी स्टेट, नेशनल चैंपियन होने के बावजूद नौकरी नहीं मिली, तो क्या उनकी किस्मत भी खराब है या सरकारी सिस्टम खराब है?
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तारा की उपलब्धियां- स्कूल हॉकी नेशनल टूर्नामेंट जम्मू में दूसरा, स्टेट हॉकी टूर्नामेंट अंबाला में पहला, हरियाणा स्टेट हॉकी टूर्नामेंट भिवानी-2000 में तीसरा, हरियाणा स्टेट हॉकी टूर्नामेंट पानीपत में तीसरा, हरियाणा स्टेट हॉकी टूर्नामेंट भिवानी -1990 में तीसरा, हरियाणा स्टेट हॉकी फेस्टिवल करनाल में पहला, जिला हॉकी चैंपियनशिप गुड़गांव में पहला, आर्य समाज नेशनल स्कूल हॉकी टूर्नामेंट अमृतसर में पहला, हरियाणा रूरल स्टेट हॉकी टूर्नामेंट अंबाला में दूसरा स्थान। हरियाणा स्टेट हॉकी टूर्नामेंट में भी अपना दमखम दिखाया। तारा कई बार हॉकी टूर्नामेंट में बेस्ट प्लेयर घोषित किए जा चुके हैं।
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बजिंद्र व तलविंद्र सिंह की उपलब्धियां- हरियाणा स्टेट सब जूनियर जवाहर लाल नेहरू हॉकी टूर्नामेंट गुड़गांव में पहला स्थान, 23वीं हरियाणा हॉकी चैंपियनशिप अंबाला में पहला स्थान, हरियाणा सब जूनियर हॉकी चैंपियनशिप भिवानी में तीसरा स्थान, स्टेट हाई स्कूल हॉकी टूर्नामेंट सोनीपत में तीसरा स्थान, हरियाणा स्टेट सब जूनियर हॉकी फेस्टिवल हिसार में तीसरा स्थान, 26वीं हरियाणा स्टेट हॉकी चैंपियन करनाल में दूसरा स्थान, आठवीं हरियाणा स्टेट हॉकी टूर्नामेंट गुडग़ांव में तीसरा स्थान दोनों भाई बेस्ट प्लेयर भी रह चुके हैं।
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