अपने दमदार अभिनय से दर्शकों की वाहवाही लूटने वाले ओमपुरी के बारे में कुछ ऐसी बातें, जो आप जानते नहीं होंगे। साथ में देखिए एक्टर की अनदेखी तस्वीरें।
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om puri
ओम पुरी का पूरा नाम ओम राजेश पुरी था। वे एक फौजी बनना चाहते थे। वहीं, ओम पुरी एक ऐसे शख्स थे, जो विवादों से हमेशा दूर रहे। लेकिन विवाद उनका पीछा नहीं छोड़ते थे। कभी अपनी निजी जिंदगी को लेकर तो कभी प्रोफेशनल लाइफ को लेकर वह उलझे रहे।
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ओमपुरी के पिता रेलवे और इंडियन आर्मी में कार्यरत थे। उन्होंने एफटीआईआई से ग्रेजुएशन किया। उसके बाद साल 1973 में उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से एक्टिंग के गुर सीखे। यहां अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने भी उन्हें अभिनय सिखाया।
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बॉलीवुड एक्टर ओमपुरी
ओमपुरी ने बहुत संघर्ष किया। पांच वर्ष की उम्र में वे रेल की पटरियों से कोयला बीनकर घर लाया करते थे। सात वर्ष की उम्र में वे चाय की दुकान पर गिलास धोने का काम करने लगे थे। वह सरकारी स्कूल से कॉलेज पहुंचे। इस दौरान भी छोटी-मोटी नौकरियां करते रहे।
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बॉलीवुड एक्टर ओमपुरी
ओमपुरी ने अपने जीवन में 300 से भी ज्यादा फिल्मों में काम किया है। ओम पुरी ने अपने फिल्मी सफर की शुरुआत मराठी नाटक पर आधारित फिल्म 'घासीराम कोतवाल' से की थी। वर्ष 1980 में रिलीज फिल्म आक्रोश उनके करियर की पहली हिट फिल्म साबित हुई।
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बॉलीवुड एक्टर ओमपुरी
बॉलीवुड के साथ-साथ हॉलीवुड में अपने अभियन का लोहा मनवाने वाले अभिनेता ओमपुरी का पटियाला से गहरा नाता था। यहां के निकटवर्ती कस्बा सन्नौर में उनके नानके हैं। उनके निधन का समाचार मिलते ही नानके में शोक की लहर दौड़ गई।
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बॉलीवुड एक्टर ओमपुरी
ओम पुरी के बुआ के लड़के रजिंदर कुमार ने बताया कि चार साल की छोटी उम्र में जब ओम पुरी की माता का निधन हुआ तो वह पटियाला के सन्नौर में अपने मामा तारा चंद और ईशर दास के पास रहने लगे थे।
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ओमपुरी के भतीजे रजत कपूर ने बताया कि ओम पुरी कुकिंग करने के शौकीन थे। हर साल सन्नौर में अपने मामा के फार्म हाउस पर समय बिताने के लिए ओमपुरी पटियाला आते थे। इस दौरान जब समय लगता, तो अपने हाथों से आलू-मेथी, भिंडी, बैंगन का भरता बनाकर खिलाते थे।
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सन्नौर में ओम पुरी के दोस्तों रमेश कुमार, महिंदर सिंह के मुताबिक ओमपुरी बेहद अच्छे व खुले स्वभाव के मालिक थे। वह कबड्डी के काफी अच्छे खिलाड़ी थे। राजिंदर ने भावुक होते हुए कहा कि ओम पुरी ने सन्नौर का नाम देश में नहीं, बल्कि विदेशों में रोशन किया है।
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ओम पुरी मुंबई की भाग-दौड़ भरी जिंदगी से ऊब गए थे। इसलिए वे चंडीगढ़ जैसे खूबसूरत और शांत शहर में बसना चाहते थे। लेकिन उनकी यह हसरत पूरी नही हो पाई। शहर में बसने के इरादे से उन्होंने कई फ्लैट भी देखे थे।
ओमपुरी ने फिल्म इंडस्ट्री में एक नया ट्रेंड सेट किया कि चाहे कलाकार सुंदर न हो, लेकिन वह एक अपने अभिनय के बल पर दिलों पर राज कर सकता है। वहीं बेहतर इंसान और एक्टर होने के बावजूद उन्हें शराब की लत थी, जिसने उन्हें सभी से छीन लिया।