ओलंपियन पहलवान योगेश्वर दत्त ने कुश्ती से संन्यास को लेकर बातचीत की और एक बड़ा ऐलान करते हुए अपने चाहने वालों को खुश कर दिया, पढ़ें इंटरव्यू।
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योगेश्वर दत्त
- फोटो : pti
जिस फितले दांव से पहलवान योगेश्वर दत्त ने देश को ओलंपिक में मेडल दिलाया था, वह फितले दांव योगेश्वर जल्द ही फिर से लगाते हुए दिखाए देंगे। योगेश्वर काफी लंबे समय के बाद फिर से मैट पर वापसी करने वाले है। वह रियो ओलंपिक के बाद से कुश्ती से दूर थे और अब फरवरी में दोबारा वापसी की पूरी तैयारी कर दी है।
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योगेश्वर दत्त
- फोटो : PTI
योगेश्वर दत्त अगले साल के शुरुआत में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स व एशियन चैंपियनशिप में जोर आजमाइश करने के लिए वापसी करेंगे, क्योंकि वह देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने के बाद अपने कैरियर से सन्यास लेंगे। योगेश्वर यह भी तय कर चुके हैं कि 2018 में सभी बड़ी रेसलिंग चैंपियनशिप खत्म होने के बाद कुश्ती से सन्यास लेकर देश के लिए नए पहलवान तैयार करेंगे।
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योेगेश्वर दत्त
- फोटो : getty
लंदन ओलंपिक 2012 में देश को मेडल दिलाने वाले पहलवान योगेश्वर दत्त काफी समय से कुश्ती से दूर हैं और वह किसी भी बड़ी चैंपियनशिप में नहीं खेल रहे हैं। वह आखिरी बार रियो ओलंपिक में अगस्त 2016 में कुश्ती लड़े थे और इस तरह उनको नेशनल कैंप व चैंपियनशिप से दूर हुए एक साल से ज्यादा समय हो चुका है। लेकिन योगेश्वर दत्त फरवरी में फिर से वापसी करने वाले हैं।
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ओलंपियन योगेश्वर दत्त
- फोटो : अमर उजाला
एक स्कूल के कार्यक्रम में शामिल होने आए योगेश्वर ने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स व एशियन चैंपियनशिप के लिए लगने वाले कैंप में हिस्सा लेंगे तो इनमें जगह बनाने के लिए ट्रायल भी देंगे। उनका सपना है कि वह अपने कुश्ती कैरियर से देश के लिए गोल्ड मेडल जीतकर ही सन्यास लें। योगेश्वर कहते है कि वह भले ही किसी चैंपियनशिप में नहीं खेल रहे हो, लेकिन उनकी प्रैक्टिस इस समय भी नियमित चल रही है।
2018 में सन्यास लेने की कर चुके हैं तैयारी
योगेश्वर दत्त अपने कुश्ती कैरियर से सन्यास लेने की बात पर ज्यादा खुलकर नहीं बोलते है, लेकिन वह कॉमनवेल्थ व एशियन चैंपियनशिप जैसी जगह देश के लिए गोल्ड मेडल जीतकर ही कुश्ती को अलविदा कहना चाहते है। अगर वह गोल्ड मेडल जीत लेते है तो उसके बाद कुश्ती कैरियर को अलविदा बोल देंगे। हालांकि योगेश्वर उसके बाद भी कुश्ती नहीं छोड़ेंगे, बल्कि अपनी एकेडमी में नए पहलवानों को तैयार करेंगे, जो ओलंपिक में मेडल लेकर आ सकें।