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रेप और गैंगरेप की सजा पर देश में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव, ध्यान से पढ़ लें सभी

Fri, 29 Jun 2018 10:14 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, चंडीगढ़
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लड़की के साथ रेप
रेप और गैंगरेप करने की सजा को लेकर देश में एक बहुत बड़ा बदलाव किया गया है। कई धाराओं में संशोधन करते हुए सजा बदल दी गई है, ध्यान से पढ़ लें सभी।

 
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लड़की के साथ रेप
हरियाणा के बाद अब पंजाब में भी 12 साल से कम उम्र की बच्ची के साथ दुराचार करने वाले को मौत की सजा दी जाएगी। वहीं आर्थिक अपराधों में भगोड़ों की संपत्ति जब्त की जाएगी। इन दोनों से जुड़े केंद्र सरकार के दो अहम अध्यादेशों को पंजाब में लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह मंजूरी दी गई। इस मंजूरी के साथ ही अब क्रिमिनल लॉ (अमेंडमेंट) आर्डिनेंस, 2018 (आर्डिनेंस नंबर 2 ऑफ 2018) को पंजाब गजट में प्रकाशित किया जाएगा।

 
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लड़की के साथ रेप
बता दें कि केंद्र सरकार ने दुराचार संबंधी कानून को और सख्त बनाने के लिए यह ऑर्डिनेंस तैयार किया। पंजाब सरकार ने इस ऑर्डिनेंस के बारे में लोगों को बताने के लिए और राज्य में इस कानून को प्रभावशाली ढंग से लागू करने के लिए इसे गजट में प्रकाशित करने का फैसला लिया। बता दें कि मुख्यमंत्री दुराचारियों को सख्त सजा दिए जाने के हक में थे और बाकी सभी कैबिनेट मंत्रियों ने भी उनका समर्थन किया। सभी की सहमति के बाद मुख्यमंत्री ने ऑर्डिनेंस को गजट में प्रकाशित करने की अनुमति दे दी।

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लड़की के साथ रेप - फोटो : SELF
दुराचार/गैंगरेप के अपराध में अब ये होगी सजा
12 वर्षों से कम आयु की बच्ची के साथ दुराचार पर मौत की सजा के अलावा यह क्रिमिनल लॉ(अमेडमेंट) आर्डिनेंस, 2018 आईपीसी की धाराओं में भी संशोधन करता है। ऑर्डिनेंस के तहत दुराचार के लिए कम से कम सजा 7 साल से बढ़ाकर 10 साल की गई है। 16 साल से कम आयु की लड़की के साथ दुराचार पर कम से कम सजा उम्रकैद निर्धारित की गई है। इस अध्यादेश के अंतर्गत कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर में भी संशोधन किया गया है। ऐसे में अब दुराचार के मामलों में दो महीनों के अंदर जांच मुकम्मल करनी होगी। 12 और 16 वर्ष से कम आयु की लड़कियों के साथ दुराचार या सामूहिक दुराचार के मामलों में नामजद अपराधियों के लिए अग्रिम जमानत संबंधी कानून में भी संशोधन किया गया है।
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लड़की के साथ रेप
आर्थिक अपराधी की संपत्ति होगी जब्त
आर्थिक अपराधों में भगोड़ों संबंधी अध्यादेश, देश छोड़कर भागने वाले आर्थिक अपराधियों की जायदाद और संपत्ति को केस के साथ जोड़ने या जब्त करने की शक्ति देता है। देश में हाल ही में हुए आर्थिक घपलों, खासतौर पर 13 हजार करोड़ रुपये के पीएनबी घोटाले, जिसमें नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के देश छोड़कर भाग जाने के कारण केंद्र सरकार को यह अध्यादेश लाना पड़ा है। इस अध्यादेश से अपराधी को भारत आकर अपने अपराधों के लिए अदालती कार्यवाही का सामना करना पड़ेगा।
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