अगर आपकी शादी हो चुकी है और हनीमून पर जाने के लिए पासपोर्ट बनवाने की सोच रहे हैं तो ये खबर आपके बड़े काम की है। जल्दी से फायदा उठाइए।
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पासपोर्ट ऑफिस
चंडीगढ़ पासपोर्ट केंद्र के अधिकारी ने बताया कि शादीशुदा आवेदक को तत्कालीन एनेक्सर या शादी का सर्टिफिकेट देने की जरूरत नहीं है अब। 1989 के बाद जन्मे लोगों को पासपोर्ट के लिए अब बर्थ सर्टिफिकेट देने की जरूरत नहीं है। पैन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, मार्कशीट आदि कुछ भी दे सकते हैं।
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पासपोर्ट
अधिकारी ने बताया कि जिन बच्चों का जन्म शादी के बिना हुआ है, उनका पासपोर्ट भी अब आसानी से बन सकता है। इसके बारे में फरवरी 2017 में लोकसभा में एक प्रश्न के जवाब में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी ये जानकारी दी थी।
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पासपोर्ट
अधिकारी ने बताया कि बच्चे का पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदक को आवेदन जमा करते समय एनेक्सर सी फॉर्म जमा करना होगा। जिन अनाथ बच्चों के पास बर्थ सर्टिफिकेट, 10वीं का सर्टिफिकेट या जन्म का कोई दूसरा प्रमाण पत्र नहीं है। वे अनाथालय या चाइल्ड केयर होम के अध्यक्ष से अपनी जन्मतिथि की पुष्टि करते हुए घोषणा पत्र बनवा सकते हैं।
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सात दिनों में बन जाएगा पासपोर्ट
अधिकारी ने बताया कि गोद लिए हुए बच्चों का पासपोर्ट बनवाने के लिए अब रजिस्टर्ड अडॉप्शन डी लगाने की जरूरत नहीं है। आवदेक सादे कागज पर लिखकर बच्चे को गोद लेने का घोषणा पत्र दे सकता है। साधू सन्यासी अपने माता पिता के नाम की जगह आध्यात्मिक गुरु का नाम लिखकर पासपोर्ट बनवा सकते हैं।
अधिकारी ने बताया कि वे सरकारी नौकर जो अपने संस्थान से एनओसी नहीं ले पाए, वे खुद सेल्फ डिक्लेरेशन लेटर देकर पासपोर्ट बनवा सकते हैं। वहीं उन्हें इसकी सूचना संस्थान को देनी अनिवार्य होगी। अलग हो चुके दंपतियों को पासपोर्ट बनवाने के लिए पति या पत्नी का नाम देने की जरूरत नहीं है। न ही तलाक का सर्टिफिकेट चाहिए।