पाकिस्तान से सटे सीमावर्ती इलाकों में पाकिस्तानी मोबाइल कंपनी के सिम का प्रयोग आसानी से किया जा सकता है। संवेदनशील क्षेत्र होने के बावजूद सीमा पर तनाव बढ़ने के बीच पाकिस्तान में सेवाएं देने वाली मोबाइल कंपनियों ने अपनी फ्रिक्वेंसी बढ़ा दी है।
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राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा
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भारत-पाकिस्तान बार्डर
- फोटो : File Photo
ऐसे में बॉर्डर एरिया के भारतीय क्षेत्र में पाक मोबाइल कंपनियों का नेटवर्क खतरा बना हुआ है। इसीलिए बॉर्डर एरिया के तमाम लोग दहशत में हैं। दूसरी ओर स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से जैमर लगाने का फैसला लिया है।
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बॉर्डर के नजदीकी क्षेत्र बमियाल में किसी भी सामान्य मोबाइल पर नेटवर्क सर्च करने से नेटवर्क लिस्ट में दो से तीन पाक कंपनियों के नाम भी आ रहे हैं। चिंता का विषय यह है कि इस पार यदि कोई व्यक्ति पाकिस्तानी सिम का प्रयोग करना चाहे, तो आसानी से कर सकता है। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार देश की सुरक्षा के लिहाज से यह मोबाइल नेटवर्क खतरनाक है। इससे भारत में घुसपैठ समेत आतंकी घटनाओं को अंजाम देना आसान हो सकता है।
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मामले में बॉर्डर एरिया के लोगों का कहना है कि वैसे तो सीमा पर अक्सर ही तनाव की स्थिति रहती है। पाकिस्तानी मोबाइल कंपनियों की फ्रिक्वेंसी का बढ़ना उनकी चिंता और बढ़ा रहा है। भारत-पाक बॉर्डर एरिया के साथ जिले का ग्रामीण क्षेत्र लगता है। ग्रामीण क्षेत्र में कई बार मोबाइल नेटवर्क की दिक्कत होने पर लोग मैन्युवली नेटवर्क सर्च करते हैं।
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Army
- फोटो : India TV
राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा
भारतीय थल सेना के रिटायर्ड कर्नल सागर सिंह सलारिया का कहना है कि यह नेटवर्क राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। इस पार पाक के नेटवर्क आने का मतलब पाक के लिए भारत में घुसपैठ आसान होना है।
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भारत-पाकिस्तान बार्डर
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पाक के घुसपैठिये आसानी से यहां आकर भी अपने मोबाइल, इंटरनेट का प्रयोग कर सकेंगे और पाक में बैठे अपने आकाओं को गुप्त सूचनाएं आसानी से भेजते रहेंगे। ऐसे में देश को नुकसान होने का खतरा है।
भारत सरकार को पाकिस्तान को ऐसा करने से रोकना चाहिए। वहीं जिले की डीसी नीलिमा का कहना है कि मामला मेरे ध्यान में है। इसके लिए पुलिस विभाग और टेलिकॉम एक्सपर्ट्स के साथ बात चल रही है। जल्द ही सीमा पर जैमर लगाकर पाकिस्तानी नेटवर्क को रोका जाएगा।