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'महाखली' के सीक्रेट सुनिए, आप आधे खली तो बन ही जाएंगे

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नेशनल बास्केटबाल लीग (एनबीए) में खेलने वाले भारतीय मूल के पहले खिलाड़ी सिम भुल्लर ने चंडीगढ़ में अपनी बॉडी से जुड़े कई सीक्रेट बताए। तस्वीरों में देखिए, क्या-क्या बोले महाबली?
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सिम भुल्लर एनबीए के इतिहास के छठे लंबे खिलाड़ी हैं और भारतीय मूल के दूसरे सबसे लंबे इंसान है। सबसे लंबे इंसान का तमगा यूपी के प्रतापगढ़ के रहने वाले धर्मेंद्र सिंह के नाम पर है, जोकि 8 फुट एक इंच के हैं।
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एक बॉस्केटबॉल खिलाड़ी के तौर पर भुल्लर को अपने लंबे कद से जहां फायदा है, तो वहां अपने वजन को लेकर वे चिंतित भी हैं। उन्होंने कहा कि उनका अगला टार्गेट अपने वजन को 160 किलो से कम करना है।

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सिम भुल्लर ने बताया कि उनके पिता अवतार सिंह कबड्डी के खिलाड़ी थे। नाना क्रिकेट के शौकीन थे। मां ने हमेशा से ही बास्केटबाल खेल के प्रति उन्हें पूरी स्पोर्ट दी है। उनकी वजह से वह आज इस मुकाम पर पहुंचे हैं। सिम भुल्लर ने कहा कि वह रोटी की बजाय फलों का अधिक इस्तेमाल करते हैं। अपने को फिट रखने के लिए नियमित डाइट लेते हैं। जिससे वह फिट रह सकें।
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चंडीगढ़ के सेक्टर 18 स्थित न्यू पब्लिक स्कूल में जैसे ही सिम भुल्लर पहुंचे, वहां उपस्थित स्टूडेंटस के मुंह से निकला माई गॉड, व्हट ए हाईट। स्टूडेंट भुल्लर को देखकर काफी उत्साहित नजर आ रहे थे।
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बेशक सिम भुल्लर का परिवार विदेश में बस गया हो लेकिन आज भी उनके दिल में देश के लिए प्यार है। पूरा परिवार जब भी साथ होता है पंजाबी और हिंदी फिल्मों के साथ भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट का मुकाबला देखने का मौका नही गंवाते।
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सात फुट पांच इंच के भुल्लर ने इस बात पर अधिक जोर दिया कि बच्चों को बचपन से खेलों की आदत डालनी चाहिए। उन्होंने 12 साल की उम्र से बास्केटबाल खेलना शुरू कर दिया था। 14 साल की उम्र में उन्होंने इस खेल को गंभीरता से लेना शुरू किया। उनका मानना है कि देश में अगर बास्केटबाल को प्रमोट करना है तो बच्चों के हाथों में बचपन से बास्केबाल थमाई जानी चाहिए।
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