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नवजोत सिद्धू को लेकर फिर कयासबाजी शुरू, मनाने के लिए कांग्रेस दे सकती ये बड़ा ओहदा

Wed, 10 Jun 2020 04:33 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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नवजोत सिंह सिद्धू, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
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कांग्रेस हाईकमान ने नवजोत सिंह सिद्धू को पार्टी में कोई बड़ा ओहदा देने का मन बना लिया है। कैप्टन अमरिंदर सिंह की कैबिनेट से पिछले साल इस्तीफा देने के बाद से अब तक चुप्पी साधे बैठे सिद्धू के आम आदमी पार्टी में जाने की चर्चाओं ने पार्टी हाईकमान को चौकन्ना कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, सिद्धू के पार्टी से अलग होने की आशंका को ध्यान में रखते हुए इस बार हाईकमान ने खुद ही सिद्धू से संपर्क किया है और उन्हें पार्टी में बने रहने की गुजारिश करते हुए जुलाई में बड़ी जिम्मेदारी सौंपने का भरोसा दिलाया है।

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navjot singh sidhu - फोटो : फाइल फोटो
दूसरी ओर, पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह पहले ही साफ कर चुके हैं कि उन्हें सिद्धू से कोई शिकायत नहीं है और अगर सिद्धू या अन्य किसी नेता को कोई शिकायत है तो वे जब चाहें उनसे आकर मिल सकते हैं। कैप्टन ने साफ कर दिया है कि सिद्धू कांग्रेस पार्टी के सदस्य हैं। गौरतलब है कि 2017 विधानसभा चुनाव से पहले सिद्धू जब कांग्रेस में शामिल हुए थे, तभी यह अटकलें शुरू हो गई थीं कि पार्टी सिद्धू को उपमुख्यमंत्री का ओहदा देगी। चुनाव नतीजों ने समीकरण बदले और कैप्टन का रुतबा हाईकमान के समक्ष काफी ऊंचा हो गया, क्योंकि चुनाव में कैप्टन ही ऐसे नेता साबित हुए, जिन्होंने किसी राज्य में कांग्रेस को एकतरफा जीत दिलाई थी। सिद्धू उपमुख्यमंत्री तो नहीं बने लेकिन उन्हें कैप्टन सरकार में लोकल गवर्नमेंट का जिम्मा मिला, जो लगभग आधी सरकार के बराबर का विभाग है। 

Navjot Singh Sidhu - फोटो : twitter
सिद्धू के अपने विभाग के बारे में लिए गए नतीजों को कैप्टन ने रिजेक्ट करना या अनदेखा करना शुरू किया तो दोनों नेताओं के बीच मनमुटाव बढ़ने लगा। सिद्धू की विवादित लाहौर यात्रा और भारत लौटकर कैप्टन के खिलाफ बयानों ने परस्पर संबंधों की दरार को और गहरा कर दिया। आखिरकार सिद्धू ने उस समय कैप्टन की कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया, जब उन्हें बिजली मंत्री बनाया गया। सिद्धू इसे लेकर कई दिन तक हाईकमान के चक्कर भी काटते रहे। वे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से भी मिले लेकिन उन्हें कोरे आश्वासन ही मिले। आखिरकार सिद्धू मंत्री पद छोड़कर एकांतवास में चले गए थे। 

Navjot Singh Sidhu - फोटो : file photo
एक साल से कांग्रेस और सक्रिय राजनीति से दूर
सिद्धू पिछले एक साल से न तो राज्य विधानसभा के किसी सत्र में आए, न राज्य सरकार के किसी कार्यक्रम का हिस्सा बने। करतारपुर कॉरिडोर खुलने के मौके पर वे अन्य नेताओं के साथ ही दर्शन करने गए लेकिन कोई राजनीतिक बयानबाजी नहीं की। इसके अलावा, एक साल से ही सिद्धू ने पार्टी हाईकमान की ओर भी रुख नहीं किया है। अब सिद्धू के आम आदमी पार्टी में जाने और आप द्वारा उन्हें पंजाब का सीएम प्रोजेक्ट करने की चर्चाओं ने कांग्रेस हाईकमान को नींद से जगाया है। 
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कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई
सिद्धू पंजाब नहीं छोड़ेंगे तो डिप्टी सीएम ही है बड़ा ओहदा
हाईकमान का मानना है कि सिद्धू अगर आप में गए तो पंजाब में कांग्रेस को सीधे तौर पर नुकसान होगा। सिद्धू को अगले महीने हाईकमान कैसे मनाएगी और कौन सा बड़ा ओहदा देगी, इस बारे में कुछ साफ नहीं है, लेकिन कांग्रेस के कुछ नेताओं का ही कहना है कि सिद्धू पंजाब नहीं छोड़ेंगे और पंजाब में वे उपमुख्यमंत्री से कम ओहदा भी नहीं चाहेंगे। यही कारण है कि सिद्धू ने भी लगातार चर्चाओं के बीच भी कोई सार्वजनिक बयानबाजी नहीं कर रहे।
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