फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कभी 250 रुपये में खेलता था मैच, 140 से ऊपर की स्पीड, टीम इंडिया में शामिल हुआ घातक गेंदबाज

Sun, 21 Jul 2019 05:53 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
1 of 5
गेंदबाज नवदीप सैनी - फोटो : अमर उजाला
अगले महीने से शुरू होने वाले वेस्टइंडीज दौरे के लिए टीम इंडिया का एलान हो चुका है। इस बार टीम इंडिया में एक तूफानी गेंदबाज को मौका मिला है। ये गेंदबाज 140 से ऊपर की स्पीड में गेंदबाजी करता है। अब वो वेस्टइंडीज में कहर ढाहने को तैयार हैं। जानिए कौन हैं...
विज्ञापन

2 of 5
नवदीप सैनी
नवदीप सैनी को सीमित ओवर के फॉर्मेट के लिए टीम में मौका मिला है। गेंदबाज सैनी आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर से खेलते हैं। आईपीएल 2019 में नवदीप की रफ्तार चर्चा में बनी रही। नवदीप हरियाणा के करनाल जिले के निवासी हैं। सैनी लगातार 140 किमी प्रति घंटे की  रफ्तार से ज्यादा गति से गेंदबाजी करते हैं।
विज्ञापन

3 of 5
नवदीप सैनी
26 वर्षीय नवदीप दाएं हाथ के तेज गेंदबाज हैं। उन्होंने 21 वर्ष की उम्र में 2013-14 में हुई रणजी ट्रॉफी में दिल्ली की तरफ से डेब्यू किया था। उनकी झन्नाटेदार गेंदे पिछले काफी समय से चयनकर्ताओं का ध्यान खींच रही थीं। टेनिस क्रिकेट से लेकर भारतीय टीम का सफर नवदीप का संघर्षपूर्ण रहा है। नवदीप के पिता अमरजीत सैनी ने बताया कि नवदीप टेनिस बॉल क्रिकेट टूर्नामेंट में मैच खेलते थे और उन्हें प्रति मैच के लिए 250 से 500 रुपये तक पॉकेट मनी मिलती थी।

4 of 5
नवदीप सैनी
नवदीप ऐसे परिवार से आते हैं, जो उनकी क्रिकेट कोचिंग की फीस का खर्च नहीं उठा पाता। इसलिए नवदीप ने टेनिस गेंद क्रिकेट टूर्नामेंट में हिस्सा लिया और उसकी इनामी राशि से करनाल प्रीमियर लीग में खेलने के लिए अपना नाम लिखवाया। पिता ने बताया कि इस लीग के दौरान दिल्ली के सुमित नरवाल ने सैनी की प्रतिभा को पहचाना और वे उन्हें दिल्ली लेकर गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
नवदीप सैनी
नवदीप 2017 में भारत ए की तरफ से दक्षिण अफ्रीका ए और न्यूजीलैंड ए के खिलाफ खेले और इसी वर्ष दिलीप ट्रॉफी में भी शामिल हुए। नवदीप की घातक गेंदबाजी की मदद से दिल्ली 2017-18 रणजी के फाइनल में पहुंची। इस दौरान उसने 34 विकेट लिए थे।

..तब झलक उठे थे खुशी के आंसू
नवदीप के पिता अमरजीत सैनी का कहना है कि, नवदीप ने हमारे सपने पूरे किए थे, जो शहर और जो चीज कभी नहीं देखी थी, वह नवदीप के प्रयासों से देखने को मिली। नवदीप मेरे सामने मोहाली में खेला तो मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। नवदीप उधर खेल रहा था, इधर बैठे हुए मेरी आंखों से खुशी के आंसू झलक रहे थे। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें