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नाभा जेल ब्रेक: कौन है खालिस्तान लिबरेशन फोर्स का प्रमुख मिंटू, जानिए पूरी कहानी

Mon, 28 Nov 2016 12:09 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरमिंदर सिंह मिंटू केएलएफ
नाभा जेल में कैद आतंकी हरमिंदर सिंह मिंटू फरार हो गया। उसके साथ 5 अन्य कैदी भी भाग निकले। जानिए इस खूंखार आतंकी के बारे में सब कुछ।
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हरमिंदर सिंह मिंटू केएलएफ
कई आतंकी वारदातों में शामिल होने के आरोपी 47 वर्षीय मिंटू को पुलिस काफी समय से तलाश रही थी। आखिरकार नवंबर 2014 में दिल्ली एयरपोर्ट से उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। उसे 2008 में सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह पर हुए हमले तथा 2010 में हलवाड़ा वायुसेना स्टेशन में विस्फोटक मिलने के केस में हरमिंदर सिंह मिंटू शामिल बताया जाता है।
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हरमिंदर सिंह मिंटू केएलएफ
बब्बर खालसा का सदस्य था हरमिंदरः हरमिंदर सिंह मिंटू आतंकी संगठन बब्बर खालसा का सदस्य था। बाद में जब खालिस्तान लिबरेशन फोर्स बना तो वह इसकी चीफ बन गया। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, हरमिंदर के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ संबंध रहे हैं। आईएसआई ने हरमिंदर को ट्रेनिंग भी दी थी। वह कई बार पाकिस्तान भी जा चुका है।

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हरमिंदर सिंह मिंटू केएलएफ
थाईलैंड को बना रखा था गढ़ः बताया जाता है कि हरमिंदर आईएसआई की मदद से ही 2010 और 2013 में यूरोप गया था। हरमिंदर को 2014 में जब दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया था, तब पता चला था कि वह मलेशिया के नकली पासपोर्ट पर सफर कर रहा था। पासपोर्ट में उसका नाम गुरदीप सिंह था। हरमिंदर सिंह मिंटू थाईलैंड को गढ़ बनाकर वहां से प्रतिबंधित संस्‍था के लिए फंड की व्‍यवस्‍था कर रहा था।
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हरमिंदर सिंह मिंटू केएलएफ
युवाओं को बहकाकर साथी बनाता थाः वह इंटरनेट के माध्‍यम से खलिस्‍तान के लिए न सिर्फ पैसा जुटाता था, बल्कि युवाओं को बहकाकर अपनी फोर्स में शामिल कर रहा था। मिंटू ने पूरे यूरोप और साउथ इस्‍ट एशिया का दौरा कर संपर्क बढ़ाने की कोशिश की थी। उसने यूरोप के साथ-साथ दक्षिण पूर्व एशिया के देश, कंबोडिया, लाओस, म्यानमार और थाइलैंड में उसने अच्छा-खासा जाल फैला रखा है।
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हरमिंदर सिंह मिंटू केएलएफ
खालिस्तान लिबरेशन फोर्सः 1980 के दशक में सिखों के लिये अलग खालिस्तान की मांग उठी थी। जरनैल सिंह भिंडरांवाले के नेतृत्व में खालिस्तान आंदोलन अपने चरम पर था। इस कारण पंजाब में कई आतंकी गतिविधियां भी अंजाम दी गई। 1984 में स्वर्ण मंदिर से आतंकियों को हटाने के नाम पर सेना की कार्रवाई ऑपरेशन ब्लू स्टार हुआ। फिर इंदिरा गांधी की हत्या, जिसके बाद देश भर में भयानक दंगे भड़क गए थे।
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