इस घर को देखकर आप हैरान रह जाएंगे। ये है सपनों का ऐसा घर, जिसमें हर कोई रहना चाहेगा। इसकी खासियतें भी हैरान कर देने वाली हैं।
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मेरा गार्डन, मेरी पहचान
- फोटो : अमर उजाला
ये चंडीगढ़ निवासी शालिनी काहलों का घर है। सुबह की शुरूआत अच्छी हो तो दिन भी अच्छा निकलता है। इसलिए ही घर को बनाने में जहां शीशे का प्रयोग ज्यादा किया गया, वहीं बाहर का नजारा आंखों और दिल को सकून दे, इसलिए गार्डन को भी इसी तरीके से सजाया।
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मेरा गार्डन, मेरी पहचान
- फोटो : अमर उजाला
सुबह जब ड्राइंग रूम में एंट्री होती है तो बाहर का खूबसूरत नजारा देख दिल खुश हो जाता है। ड्राइंग रूम में चाय पीने बैठे हों तो ऐसे एहसास होता है कि जैसे अपने गार्डन में बैठे हों। यह कहना है कांसल स्थित शिवालिक व्यू की शालिनी काहलों का।
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मेरा गार्डन, मेरी पहचान
- फोटो : अमर उजाला
वह बताती हैं कि उन्होंने मां से गार्डन की सजावट सीखी और घर के गार्डन को सजाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। मां बहुत कम जगह में ही बेहतरीन गार्डन सजाने की माहिर हैं। शालिनी के बेटे अव्वल काहलों की भी दिलचस्पी गार्डन को सजाने में रहती है। सुबह उठकर पूरा परिवार आधे घंटे तक गार्डन में घूमता है।
बुद्घ की प्रतिमा भी गार्डन की लुक को बढ़िया बनाती है। गार्डन में तुलसी, नींबू, फिश पाम, मनी प्लांट, बोगनविलिया और चिनार लगाए गए हैं। शालिनी ने बताया कि चिनार उनके पति कश्मीर से लेकर आए थे। गुलदाउदी, गुलाब, गुड़हल समेत कई फूलों के पौधे उनके गार्डन में लगाए गए हैं।