पेट्रोल भरवाने जाते हैं तो आपको ये 10 बातें जरूर पता होनी चाहिए। कोई भी नहीं बताएगा इनके बारे में, हम बता रहे हैं जानिए।
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petrol
पेट्रोल में मिलावट की शिकायत है और कम तेल भरे जाने से परेशान हैं तो पेट्रोल पंप पर इन बातों का खास ध्यान रखें, नुकसान से बचेंगे। पेट्रोल भरवाते समय पंप का मीटर चेक कर लें कि वह जीरो पर है या नहीं। गाड़ी का इंजन जरूर बंद कर लें। सभी पेट्रोप पंप के मीटर पर पेट्रोल या डीजल के रेट डिस्प्ले होते हैं। पेट्रोल भरवाते समय इन पर जरूर ध्यान दें और उसी के हिसाब से पेमेंट करें।
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petrol pump
चेक करें कि मीटर पर डिस्प्ले किया गया रेट, पंप के बोर्ड के रेट से मेल खाता है या नहीं। पेट्रोल भरवाने के बाद बिल जरूर लें। पेट्रोल पंप पर अगर आपको घटतौली या पेट्रोल में मिलावट का अंदेशा हो तो मैनेजर से लिखित में शिकायत करें। अगर मैनेजर न हो तो कंप्लेंट बुक में एंट्री करें। इसे पेट्रोल कंपनियों के अधिकारी चेक करते हैं। सभी पेट्रोल पंपों पर संबंधित ऑयल कंपनी के एरिया मैनेजर का फोन नंबर डिस्प्ले होना जरूरी है।
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Petrol price
सभी पेट्रोल पंप पर पीने का साफ पानी और टायरों में हवा भरने की सुविधा होनी जरूरी है। इसके बदले में ग्राहकों से कोई सुविधा शुल्क नहीं ले सकते। पेट्रोल पंप पर फर्स्ट-एड बॉक्स और शिकायत-सुझाव बुक भी होती है। ग्राहकों की सुविधाओं के लिए पेट्रोल पंप संचालक खाने-पीने की शॉप, रिपेयर शॉप या फोन बूथ जैसी अतिरिक्त सुविधाएं भी दे सकते हैं।
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petrol
अकसर कम पेट्रोल डालने या मिलावटखोरी की शिकायतें होती हैं। ऐसे में अगर आपको पेट्रोल/डीजल में किसी भी तरह की मिलावट का अंदेशा हो तो पंप पर उपलब्ध वॉटर फाइंडिंग पेस्ट को टैंक से पेट्रोल/डीजल नापने वाली रॉड के एक सिरे पर लगाकर टैंक की निचली सतह से टच करें। पेस्ट पानी के संपर्क में आते ही गुलाबी हो जाता है। ऐसा होने पर तुरंत ऑयल कंपनी को सूचित करें।
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Petrol Pump
- फोटो : File Photo
पेट्रोल में मिट्टी के तेल या अन्य किसी तरह की मिलावट जांचने का सबसे आसान तरीका है फिल्टर पेपर टेस्ट। यह पेपर सभी पंपों पर होता है। फिल्टर पेपर पर एक बूंद पेट्रोल नोजल से डालें। अगर दो मिनट में पेट्रोल उड़ जाता है और कोई धब्बा नहीं उभरता, तो कोई मिलावट नहीं है। पेट्रोल उड़ने के बाद अगर गुलाबी रंग के अलावा धब्बा रह जाता है, तो समझ जाएं यहां मिलावट पक्की है।
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पेट्रोल पंप पर तेल पड़वाते लोग
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
पेट्रोल/डीजल की मात्रा चेक करने के लिए पेट्रोल पंप पर पांच लीटर का यंत्र होना जरूरी है। इस पर राज्य सरकार के माप-तौल विभाग की सील लगी होनी चाहिए। शक होने पर आप पेट्रोल/डीजल की मात्रा चेक कराने के लिए कह सकते हैं।
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petrol pump
आप जिस पेट्रोल पंप से गाड़ी में पेट्रोल डलवाते हैं, उसे चेक करने का एक तरीका है। इसके लिए सबसे पहले ऐसा पंप चुनें, जहां ऑटो कट ऑफ नॉजल हो। अपनी गाड़ी का टैंक फुल कराएं और जैसे ही ऑटो कट ऑफ हो, सप्लाई रोक दें। टैंक में जबरदस्ती तेल न डलवाएं। अब अपनी गाड़ी की मीटर रीडिंग जांच लें। कुछ दिन बाद फिर उसी पंप से ऑटो कट ऑफ टैंक फ्ल कराएं।
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पिछले समय आपकी मीटर रीडिंग 5000 थी और अब 5500 है। इस बार के ऑटो कट ऑफ में 30 लीटर तेल आया, तो 500 को 30 से भाग करें। इससे आपकी गाड़ी का एवरेज 16.66 किमी/लीटर आता है। इस तरह यही प्रक्रिया दूसरे पंप पर भी आजमाएं। जहां से भी तेल डलवाने के बाद एवरेज बढ़िया आए, वहीं से तेल डलवाएं।
अगर आपको पेट्रोल की क्वॉलिटी, सर्विस या फिर सेल्समैन के दुर्व्यवहार से संबंधित कोई भी समस्या सामने आती है, तो सबसे पहले पंप मैनेजर से शिकायत करें या फिर कंप्लेंट बुक में लिखें। फिर भी बात न बने तो ऑयल कंपनी के टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं।