हरियाणा के पानीपत जिले के डिडवाड़ी निवासी पशु पालक नरेंद्र सिंह के झोटे घोलू का बेटा शहंशाह अब प्रदेश की नहीं देश या कहें कि विदेशों में भी मुर्राह नस्ल की पहचान छोड़ रहा है। शहंशाह के लिए उसको पच्चीस करोड़ रुपये तक का भी ऑफर मिला है। वह उसे किसी भी कीमत पर बेचने को तैयार नहीं है।
शहंशाह के सीमेन के लिए उनके पास कोलंबिया, वेनजला व कोस्टारिका समेत कई देशों से ऑफर आई है। हालांकि अभी शहंशाह के सीमेन तैयार नहीं है, लेकिन सीमन तैयार होने पर पशु पालक ऑफर को स्वीकार करने पर विचार कर रहा है। यहीं नहीं शहंशाह ने चैंपियनशिप के मुर्राह नस्ल के झोटा कैटेगरी में तीन का पहला इनाम झटका है।
शहंशाह के मालिक नरेंद्र सिंह ने दावा किया है कि शहंशाह को रोज सुबह शैंपू से नहलाया जाता है और उसके बाद आधे किलो तेल से मालिश होती है। हर सप्ताह शहंशाह की सेविंग की जाती है और इसके लिए स्पेशल स्वीमिंग पूल बना है। उसके रहने के लिए खास तौर पर मैट बिछाया है, जिसपर वो बैठता और सोता है। नरेंद्र शहंशाह पर हर महीने लगभग 48 हजार रुपए खर्च करते हैं।
शहंशाह शहंशाह की उम्र 3 साल है, उसकी लंबाई 15 फुट और ऊंचाई 6 फीट है। वह रोजाना दस किलो दूध पीने के साथ दस किलो सेब के अलावा दो सौ ग्राम मिलन मिक्सर भी लेता है। आधा किलो सरसों के तेल से रोजाना जब तक मालिश नहीं होती, तब तक उसको चैन नहीं मिलता।
शहंशाह की शेव बनवाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए है। सप्ताह में एक बार शेव बनाई जाती है। नहाने के लिए फार्म पर ही स्वीमिंग पूल की व्यवस्था की गई है। जब एक बार शहंशाह स्वीमिंग पूल में उतरता है तो कई घंटों की मस्ती के बाद ही पुल से निकलता है।
नरेंद्र ने बताया कि करीब तीन साल पहले कई देशों के पशुपालकों का दल उनके फार्म पर आया था। विदेशी मेहमानों ने घोलू की विशेष तारिफ की थी। विदेशी पशुपालक काफी दिनों से शहंशाह के बारे में भी उनसे बात कर जानकारी लेते रहे है।
चमराड़ा में मुर्राह एसोसिएशन द्वारा आयोजित प्रतियोगिता में डिडवाड़ी निवासी पशुपालक नरेंद्र सिंह का झोटा शहंशाह मुर्राह की झोटा नस्ल में काफी नाम कमा रहा है। चमराड़ा में आयोजित चैंपियनशिप में भी तीन लाख का पहला इनाम जीता है। डॉ. वाईडी त्यागी, डिप्टी डायरेक्टर, पशुपालन विभाग पानीपत।