8 साल के 'अर्जुन' को देखिए, ये बीएमडब्ल्यू से भी महंगा है। रईस जैसी लाइफ जीता है और करोड़ों में इसकी कीमत लगाई जा रही है, जानिए मामला।
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मुर्राह नस्ल का भैंसा अर्जुन
हम बात कर रहे हैं भिवानी के गांव कुंगड़ निवासी पवन के झोटे अर्जुन की। वह मात्र 8 साल का है और इसकी कीमत नौ करोड़ रुपये लगाई जा रही है। हिसार के गांव सिंघवा में आयोजित तीसरी राष्ट्रीय पशुधन चैंपियनशिप में यह मुख्य आकर्षण रहा।
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मुर्राह नस्ल का भैंसा अर्जुन
पवन 25 साल से मुर्राह नस्ल के पशु पाल रहे हैं। अर्जुन को बचपन से ही पाला-पोसा है। वह उसे रोजाना 4 किलो गुड़, मुर्गे के 4 देसी अंडे, काली मिर्च 10 ग्राम, काला जीरी 100 ग्राम, तिल का तेल, 2 किलो खड़ और 4 किलो बाजरा खिलाते हैं। इसके सीमन से सालाना लगभग पांच लाख रुपये की आमदनी होती है।
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मुर्राह नस्ल का भैंसा
चैंपियनशिप में देशभर की विख्यात भैंसों का कैटवॉक करवाया गया। इसमें धन्नो, हेमामालिनी, पार्वती, रानी, मीनू, गिन्नी, यमुना ने अपने जलवा बिखेरा। इस पर दर्शकों ने इनके जलवे देखकर जमकर तालियां बजाईं। इनकी कीमत बीएमडब्ल्यू कार से भी ज्यादा है। इसके बावजूद इनके मालिक इनको बेचने को तैयार नहीं हैं।
सिंघवा गांव मुर्राह नस्ल के लिए अग्रणी
सिंघवा गांव मुर्राह नस्ल के लिए अग्रणी के तौर पर जाना जाता है। इस गांव की भैंसों ने दुग्ध प्रतियोगिताओं व सुंदरता में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। इस गांव की भैंसें लग्जरी गाड़ियों से भी महंगी हैं। प्रदेशभर में हजारों किसान मुर्राह नस्ल की भैंसों को पालकर अपनी आमदनी को बढ़ा रहे हैं।