जिस बेटे को जन्म दिया आज उसकी चिता जल रही थी और मां को गर्व था कि बेटा देश के लिए शहीद हुआ है। मां ने उसे सलामी दी। देखिए तस्वीरें।
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शहीद सुखराज को सलामी
- फोटो : अमर उजाला
नगरोटा में आतंकी हमले में शहीद हुए बटाला के मोहल्ला मान नगर के सुखराज सिंह का वीरवार को बटाला में सरकारी सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। वीरवार को जैसे ही शहीद का शव बटाला पहुंचा भारतीय सेना जिंदाबाद के नारे लगने लगे।
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शहीद सुखराज को सलामी
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शव देखते ही सुखराज की मां स्वर्णजीत कौर, उनकी पत्नी हरमीत कौर बिलखने लगीं। वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम थीं। फौजी जवानों की टुकड़ी ने शहीद सुखराज सिंह को सलामी दी। मां र्स्वणजीत कौर ने कहा कि उन्हें बेटे की कमी तो महसूस होगी लेकिन उन्हें उनकी शहादत पर गर्व है।
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शहीद सुखराज को सलामी
- फोटो : अमर उजाला
श्मशानघाट में शहीद सुखराज सिंह के चार साल के बेटे सरगुण सिंह ने पिता को मुखाग्नि दी। शहीद की मां ने अपने बेटे को कंधा दिया। दोनों छोटे बच्चों ने भी पिता को आखिरी सैल्यूट किया। सुखराज के दो बच्चे, एक 4 साल का बेटा है और 7 साल की बेटी है। मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गई।
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शहीद सुखराज को सलामी
इसके अलावा डीसी गुरदासपुर प्रदीप सभरवाल, लखबीर सिंह लोधीनंगल, लक्ष्मी कांता चावला, कांग्रेसी विधायक अश्वनी सेखड़ी, तृप्त रजिंदर सिंह बाजवा, सुच्चा सिंह लंगाह, सुभाष ओहरी, जगदीश राज साहनी पहुंचे और शहीद सुखराज सिंह को श्रद्घांजलि दी। विशेष रूप में पहुंचे कर्नल राजबीर सिंह सोढ़ी ने भी शहीद को श्रद्धांजलि दी।
शहीद की पत्नी हरमीत कौर और उसकी माता र्स्वणजीत कौर ने बताया कि सुखराज पहले बंठिडा में तैनात थे। जनवरी 2016 में सुखराज का प्रमोशन हो गया और वह हवलदार बन गए। प्रमोशन के बाद उनकी तैनाती नगरोटा में हो गई। पत्नी हरमीत कौर ने बताया कि उसे 28 नवंबर को मोबाइल पर पति से बात हुई थी।