एक मां, जिसने लीवर देकर अपने बेटे की जान बचाई। इनकी जिंदादिली को दुनिया सलाम कर रही और इनकी कहानी पढ़कर आप भी इन्हें सलाम करेंगे।
विज्ञापन
2 of 6
कांग्रेस की प्रवक्ता चित्रा सरवारा ने बेटे को लीवर डोनेट किया
हम बात कर रहे हैं हरियाणा महिला कांग्रेस की प्रवक्ता चित्रा सरवारा की। इन्होंने अपने ही बेटे को लीवर देकर उसकी जान बचाई। हालांकि उन्होंने काफी मानसिक और शारीरिक दर्द झेला, पर बेटे के लिए वह अपने इरादे से डगमगाई नहीं।
विज्ञापन
3 of 6
कांग्रेस की प्रवक्ता चित्रा सरवारा ने बेटे को लीवर डोनेट किया
चित्रा सरवारा के पिता पूर्व मंत्री निर्मल सिंह बताते हैं कि 23 मार्च 2016 को चित्रा ने बेटे को जन्म दिया। परिवार खुश था, लेकिन कुछ दिनों बाद ही चित्रा के बेटे युद्धवीर की सेहत बिगड़ने लगी।
4 of 6
कांग्रेस की प्रवक्ता चित्रा सरवारा ने बेटे को लीवर डोनेट किया
बहुत जगह चेकअप कराया, परंतु कुछ भी पता नहीं चल सका। सेहत खराब होती जा रही थी और हमारी चिंता बढ़ती जा रही थी। जांच कराई तो पता चला युद्धवीर को बिलरी आस्ट्रिजिया नाम की बीमारी है, जिसमें लीवर खत्म हो जाता है।
विज्ञापन
5 of 6
कांग्रेस की प्रवक्ता चित्रा सरवारा ने बेटे को लीवर डोनेट किया
चित्रा की मां नैब कौर ने बताया कि चित्रा के लीवर ट्रांसप्लांट का फैसला पूरे परिवार के लिए बड़ी ही चुनौती और मुश्किल का वक्त था। लेकिन ये करना ही था और ये करके दिखाया।
कांग्रेस की प्रवक्ता चित्रा सरवारा ने बेटे को लीवर डोनेट किया
चित्रा की मां ने बताया कि इसके लिए दुनियाभर में डॉक्टर तलाश किए गए। अंत में चेन्नई में डॉ. मोहम्मद रेला ने संकटमोचक की भूमिका निभाई। उन्होंने चित्रा और युद्धवीर दोनों को तंदरुस्त कर दिया।