चलती बस में तीन युवकों की धुनाई के मामले में नया मोड़ आ गया है। एक तरफ तो जहां लड़की के गांव की ही कुछ महिलाएं लड़कों के समर्थन में कोर्ट पहुंच गई हैं, वहीं बहादुर बहनों का एक और वीडियो सामने आया है। उधर आरोपी युवक गांव आसन निवासी कुलदीप, दीपक और मोहित के पक्ष में 5 महिलाएं मंगलवार को कोर्ट पहुंच गई और उन्होंने लड़कों के समर्थन में गवाही दी।
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देखिए, ये तो नहीं बहनों की बहादुरी का असली सच?
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महिलाओं को मीडिया के सामने भी लाया गया। उन्होंने दावा किया कि वे बस में सवार थीं और सारा झगड़ा सीट को लेकर हुआ। उन्होंने न केवल आरोपी युवकों के वकील को एफिडेविट दिया, बल्कि एसपी के सामने बयान भी दर्ज कराए। कुलदीप के ताऊ रामचंद्र का कहना है कि लड़कों को झूठा फंसाया गया है। लड़कियों ने खुद ही वीडियो बनवाया है।
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आरोपी पक्ष के वकील संदीप राठी ने बताया कि बस में सवार गांव गढ़ी सिसाना की बिमला देवी पत्नी ईश्वर ने एफिडेविट में कहा है कि उसने लड़कों से टिकट मंगवाई थी। तीन नंबर सीट दी गई। जबकि आठ नंबर सीट पर एक बीमार महिला को बैठाना था। इसी सीट पर दोनों लड़कियां बैठी हुई थीं। बिमला के मुताबिक लड़कों ने लड़कियों से बीमार महिला को सीट देने के लिए कहा तो उन्होंने मना कर दिया।
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आरोप है कि लड़कियों ने गाली गलौच शुरू कर दी। बिमला ने बताया कि इस पर उसने लड़कों को आगे खड़े रहने के लिए कहा। जैसे ही युवक ने पीठ घुमाई, लड़कियों ने हमला कर दिया। इसके बाद उसने लड़कों से रास्ते में उतरकर दूसरे साधन से जाने को कहा तो वे पाकस्मा मोड़ पर बस धीरे होने पर उतर गए। लड़कियों के गांव थाना खुर्द की ही बिमला पत्नी जयसिंह, बिमला पत्नी जितेंद्र और शमा कौर पत्नी बलजीत ने भी एफिडेविट में यही बताया है।
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उनका कहना है कि वे भी बस में सवार थीं। वकील राठी ने बताया कि बुधवार को भी बस में सवार कुछ अन्य लोगों को बुलाया जाएगा। ताकि मामला साफ हो सके। इधर, गांव थाना खुर्द की ही एक अन्य महिला संतोष ने एफिडेविट के जरिए लड़कियों पर कई आरोप लगाए हैं।
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रोडवेज बस में मनचलों की पिटाई करने वाली बहादुर बहनों का एक और वीडियो सामने आया है। तस्वीरें।
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वीडियो में उक्त दोनों बहनें रोहतक के सिटी पार्क में मनचले युवकों की पिटाई करती दिखाई दे रही हैं।
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आरती और पूजा के परिजनों के मुताबिक ये वीडियो करीब एक से डेढ़ महीने पुराना है।
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करीब आधी मिनट का ये वीडियो है, जिसमें दोनों लड़कियों के बैग कमर पर टंगे हैं और वे पार्क में लगी एक बैंच के सामने खड़ी हैं।
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वीडियो में उक्त दोनों बहनें रोहतक के सिटी पार्क में मनचले युवकों की पिटाई करती दिखाई दे रही हैं।
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दोनों बहनों का कहना है कि इन लड़कों ने उनके साथ छेड़खानी की थी। इसलिए उन्होंने उन्हें सबक सिखाया और ऐसे मनचलों को सुधारने का यही एक तरीका है।
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दोनों बहनों का कहना है कि वे मात्र 19 साल की हैं और कई बार छेड़खानी का शिकार हो चुकी हैं। रोहतक के एक लड़के का तो वे माफ भी कर चुकी हैं, वरना वो जेल की हवा खाता।
आरती और पूजा का कहना है कि लड़कियां छेड़खानी को एक बार बर्दाश्त कर सकती हैं, दो बार बर्दाश्त कर सकती हैं, लेकिन हर बार बर्दाश्त करना बेवकूफी होगी। लड़कों को तो शर्म नहीं आती।