'प्रभु' की ट्रेन को पार लगाने के लिए आए पीयूष गोयल का चंडीगढ़ और अंबाला से बेहद खास कनेक्शन है। इन्हें प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी कैबिनेट में शामिल किया है।
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पीयूष गोयल
- फोटो : amar ujala
वहीं देश के नए रेलवे मंत्री पीयूष गोयल मूल रूप से अंबाला के रहने वाले हैं। गोयल चंडीगढ़ भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन के बचपन के दोस्त हैं। टंडन कहते हैं कि गोयल चंडीगढ़ को अच्छी तरह से समझते और जानते हैं, इसका फायदा चंडीगढ़ रेलवे को जरूर मिलेगा। वह जल्द ही इस सिलसिले में गोयल से मिलेंगे और चंडीगढ़ से नई ट्रेन सुविधाएं शुरू करने की बात रखेंगे।
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Piyush Goyal
टंडन और गोयल में एक बात कामन है कि यह दोनों ही चार्टेड अकाउंटेंट (सीए) हैं। टंडन ने बताया कि उनकी पीयूष के साथ दोस्ती का एक बड़ा कारण यह है कि मेरे पिता बलरामजी दास टंडन और पीयूष गोयल के पिता वेद प्रकाश की आपस में अच्छी दोस्ती थी। इसके कारण दोनों परिवार के सदस्यों में भी मधुर संबंध हैं। इसी कारण पीयूष का बचपन से ही चंडीगढ़ में काफी आना- जाना लगा रहता था।
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piyush goyal
- फोटो : amarujala
टंडन का कहना है कि शनिवार रात को उनकी पीयूष से बात हुई थी। उन्होंने पहले ही कैबिनेट मंत्री बनने के लिए उनको बधाई दे दी थी। संजय टंडन ने बताया कि पीयूष गोयल आईटी के काफी एक्सपर्ट हैं। वह रेलवे के विकास में डिजिटाइजेशन का उपयोग करेंगे। उन्होंने बताया कि नवनियुक्त रेल मंत्री ने पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा की तरफ से सोशल मीडिया से प्रचार का सारा काम देखा था।
बिजली मंत्री रहते हुए पीयूष गोयल ने गांव गांव तक बिजली पहुंचाने का काफी अच्छा काम किया। इसी के इनाम स्वरूप उनको रेल मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 19 अगस्त 2014 में बतौर ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल चंडीगढ़ भाजपा के कार्यालय में आए थे तो उन्होंने कहा था कि उनका चंडीगढ़ शहर से घनिष्ठ स्नेह है। यह उनका सौभाग्य है कि वह बचपन से ही इस शहर में आते- जाते रहे हैं।